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'मेरे पिता को नमाज पढ़ते वक्त मारा', मोजतबा खामेनेई ने पहले भाषण में दी बड़ी चेतावनी

ईरान के नए सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने खाड़ी देशों को अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करने की चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान इन अड्डों पर हमला करना जारी रखेगा. उन्होंने इस्तेमाल रणनीतिक हथियार के तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल जारी रखने की बात भी कही है.

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मोजतबा खामेनेई ने सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान जारी किया है. (तस्वीरें- इंडिया टुडे और IRIB)

ईरान के नए सुप्रीम लीडर के तौर पर चुने जाने के बाद अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने पहली बार कोई सार्वजनिक बयान जारी किया है. अपने बयान में उन्होंने खाड़ी देशों को अपनी धरती पर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करने की चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान इन अड्डों को निशाना बनाना जारी रखेगा. मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों को दी जा रही अमेरिका की सुरक्षा गारंटी को झूठा दिलासा करार दिया है.

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इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने अमेरिका और इजरायल के साथ गहराते संघर्ष को देखते हुए दुश्मनों पर रणनीतिक दबाव बनाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने की बात भी कही है. सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में खामेनेई ने कहा,

“ईरान इस संघर्ष में मारे गए लोगों का बदला लेगा और अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई करने में जरा भी संकोच नहीं करेगा. ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा.”

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मोजतबा खामेनेई ने खुद सार्वजनिक तौर पर सामने आकर ये बयान नहीं दिया है. ईरान के सरकारी टेलीविजन पर एक एंकर ने उनके बयान को पढ़ा. इस बयान में हालिया हमलों के पीड़ितों का भी जिक्र किया गया, जिनमें मीनाब स्कूल पर हुए हमले में मारे गए लोग भी शामिल हैं. इस हमले के लिए ईरानी अधिकारियों ने ‘दुश्मन ताकतों’ को जिम्मेदार ठहराया है. मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी,

“ईरान इस हमले में हुए आर्थिक नुकसान के लिए अपने विरोधियों से मुआवजा वसूलेगा और यदि मुआवजा नहीं दिया गया तो वह उनके आर्थिक और सैन्य ठिकानों पर हमला करके इसका जवाब देगा.”

उन्होंने खाड़ी देशों समेत पूरे पश्चिम एशियाई देशों से उनके इलाके में संचालित हो रहे अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करने का अनुरोध किया. खामेनेई ने कहा कि क्षेत्र में संचालित सभी अमेरिकी अड्डे तुरंत बंद कर दिए जाने चाहिए नहीं तो ईरानी सेना इनको अपना निशाना बनाएगी. ईरानी नेता ने कहा,

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“तेहरान की सैन्य कार्रवाई पड़ोसी देशों के बजाय विशेष तौर पर अमेरिकी ठिकानों पर केंद्रित है. हम पड़ोसियों के साथ मित्रता में भरोसा करते हैं और केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं और निश्चित तौर पर हम ऐसा करना जारी रखेंगे.”

खामेनेई ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ संघर्ष में इलाके में मौजूद प्रॉक्सी गुटों को धन्यवाद दिया है. प्रॉक्सी गुटों को सामूहिक तौर पर ‘प्रतिरोध मोर्चा’ बताते हुए सुप्रीम लीडर ने उन्हें अपने विरोधियों का मुकाबला करने में ईरान का सबसे करीबी सहयोगी करार दिया. उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि ईरान को इस संघर्ष में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रणनीतिक हथियार (Strategic Tool) के तौर पर इस्तेमाल करना जारी रखना चाहिए.  उन्होंने कहा,

“दुश्मन पर दबाव बनाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने के फैसले पर टिके रहना चाहिए.”

इसके अलावा खामेनेई ने अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को लेकर बड़ा दावा किया. ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मोजताब के हवाले से लिखा,

"मेरे पिता को रमजान के दसवें दिन की सुबह उस समय शहीद किया गया जब वे कुरआन पढ़ रहे थे."

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IRIB का पोस्ट.

इसके अलावा मोजतबा ने ईरानियों से घरेलू एकता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने ईरान के लोगों से आने वाले राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अनुरोध किया.

लंबे समय तक ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में अपने पिता की हत्या के बाद इस्लामिक रिपब्लिक के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के तौर पर उभरे हैं. उनकी ताजपोशी ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर है. ईरान और उसके विरोधियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है. 

वीडियो: ईरान ने अमेरिका के तेल टैंकर को निशाना बनाया

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