यहां मां के दूध का बैंक खुला है
उन बच्चों के लिए, जिन्हें नहीं मिल पाता मां का दूध.
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दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन का पहला ब्रेस्ट मिल्क बैंक खुल रहा है. इसे 'अमारा के नाम से खोला जा रहा है. यह मिल्क बैंक, फोर्टिस हॉस्पिटल ने ब्रेस्ट मिल्क फाउंडेशन के साथ मिलकर शुरू किया है. इसे मंगलवार से GK-2 (ग्रेटर कैलाश) के फोर्टिस ला फेम हॉस्पिटल में शुरू किया जाएगा. बच्चों को दूध पिलाने वाली माओं से दूध लेकर बैंक इसे अपने पास जमा करेगा. जिसके बाद जरूरतमंदों को दिया जाएगा. अपने बच्चों को दूध पिलाने के बाद अगर कोई मां चाहे तो बैंक को दूध दे सकती हैं. माओं के दूध को प्रोसेस करने के बाद एक सील्ड बोतल में फ्रिज में रखा जाएगा. यह दूध उन बच्चों के लिए रिज़र्व किया जाएगा जिनकी माएं उन्हें दूध नहीं पिला सकतीं. यानी वो माएं जिनमें किसी बीमारी या हॉर्मोन की कमी के कारण दूध नहीं बन पाता. ये बैंक उन बच्चों के भी काम आएगा जो प्रीमच्योर, बीमार या सरोगेट हैं. जिसकी वजह से उन्हें मां का दूध नहीं मिल पाता. दूध देने वाली माओं की जांच की जाएगी. जिसका पूरा खर्च हॉस्पिटल उठाएगा. दूध लेने वालों को एक यूनिट दूध के 200 रुपये चुकाने होंगे. इससे जरूरतमंद लोगों के अस्पताल का खर्च कम हो जाएगा. इससे पहले बच्चों को पोषण के लिए 'फार्मूला-पी' दिया जाता था. जो महंगा होता था. अस्पताल के निओनेटोलोजिस्ट डिपार्टमेंट की डायरेक्टर रघुराम मलाई कहती हैं, हमारी कोशिश रहेगी मां अपने बच्चे को अपना दूध ही पिलाएं. लेकिन, जहां जरूरत होगी वहां बैंक से मदद ली जाएगी. पिछले तीन हफ्तों में 12 डोनर की मदद से 4 लीटर दूध जमा किया जा चुका है. लोगों के घरों से दूध मंगवाने के लिए बैंक ने 'ड्राप ऑफ' फैसिलिटी का भी इंतजाम किया है. इसके लिए 9999035600 नंबर का इंतजाम किया गया है. जल्द ही इसके लिए ऑनलाइन सुविधा भी लाई जाएगी. और अस्पताल के स्टाफ दूध घर से ले जाएंगे.
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