31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरमियानी रात अंजलि (Anjali Case) नाम की एक लड़की की सुल्तानपुरी से कंझावला इलाक़े (Kanjhawala Case) में मौत हो गई. अंजलि को क़रीब 12 किलोमीटर तक कार से घसीटा गया. कार में सवार पांच लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया. पांचों पर ग़ैर-इरादतन हत्या के आरोप लगाए. घटना को पांच दिन हो गए हैं और पिछले पांच दिनों से 'देश' की सबसे चर्चित गुत्थी है ये केस.
इन 5 सवालों के जवाब मिल गए, तो अंजलि वाला केस सुलझ जाएगा!
मामले में कई गुत्थियां हैं.


इस मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अभी तक की जांच में नहीं मिले हैं:
1. पहला तो ये कि अंजलि ने शराब पी हुई थी कि नहीं?सवाल के नज़रिए से ज़रूरी नहीं भी हो सकता है, लेकिन बयानों में मतांतर है. अंजलि की दोस्त निधि बोल रही है कि पी है. वहीं, अंजलि के परिवार वाले बोल रहे हैं कि नहीं पी. पुलिस ने जानकारी दी है कि पोस्टमॉर्टम की फ़ाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि पीड़िता नशे में थी या नहीं.
आरोपियों पर ग़ैर-इरादतन हत्या का मुक़दमा लगा है. दिल्ली के स्पेशल CP लॉ एंड ऑर्डर सागर प्रीत हुड्डा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि हत्या की धारा लगाने के लिए उद्देश्य का पता होना ज़रूरी है. और, इस केस में अब तक मोटिव का पता नहीं चला है. पुलिस ने ये भी कहा कि अंजलि या निधि का आरोपियों से कोई कनेक्शन नहीं था. कॉल डिटेल और जांच में ऐसा कुछ भी पता नहीं चला है, जिससे ये कहा जा सके कि वो एक-दूसरे को जानते थे.
3. बाक़ी दो आरोपियों ने क्या किया?पुलिक ने साफ़ किया है कि पांच नहीं, कुल 7 आरोपी थे. पुलिस के मुताबिक, दो और आरोपियों की तलाश की जा रही है. इन दो लोगों ने आरोपियों की भागने में मदद की थी. उनका नाम आशुतोष और अंकुश खन्ना है. इसके अलावा जांच के दौरान पता चला है कि गाड़ी इसी आशुतोष की थी. अभी तक इतनी ही जानकारी मिली है.
पकड़े गए आरोपी कौन हैं, उनकी जानकारी FIR में है. आरोपी दीपक खन्ना ग्रामीण सेवा का ड्राइवर है. आरोपी अमित खन्ना उत्तम नगर में SBI कार्ड में काम करता है. आरोपी कृष्णन कनॉट प्लेस में नौकरी करता है. आरोपी मिथुन हेयर ड्रेसर का काम करता है. आरोपी मनोज मित्तल पी ब्लॉक सुल्तानपुरी में राशन डीलर के पद पर काम करता है. इनमें से अमित और दीपक ने बताया है कि उन्होंने शराब पी रखी थी. आरोपी दीपक ने पूछताछ में बताया था कि वो कार चला रहा था, लेकिन जांच में पता चला है कि कार दीपक नहीं, अमित चला रहा था.
पुलिस का कहना है कि पांचों आरोपियों ने झूठा बयान दिया था. पहले आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वो इस बात से अनजान थे कि गाड़ी के नीचे अंजलि की लाश फंसी हुई है. उन्होंने कहा था कि गाड़ी में गाने बज रहे थे, जिसके चलते उन्हें कुछ नहीं सुनाई दिया. लेकिन, जांच में मालूम हुआ है कि आरोपी ये बात जानते थे. निधि ने भी यही कहा था कि गाड़ी में कोई गाने नहीं बज रहा था. कार में सवार लोगों को हादसे की पूरी जानकारी थी.
5. रूम में क्या करने गए थे?परिवार वालों ने बताया है कि 31 दिसंबर को घर से निकलते हुए अंजलि ने बताया था कि उसे इवेंट का कुछ काम है. वहीं, निधि का बयान है कि वो किसी के बर्थडे सेलिब्रेशन में गए थे. हादसा पार्टी के बाद हुआ. दोनों ने तय किया था कि अंजलि पहले निधि को घर छोड़ती और फिर ख़ुद घर जाती.
वीडियो: अंजलि के आरोपियों के 'नज़दीक' होने के बाद भी पकड़ क्यों नहीं पाई दिल्ली पुलिस?

















