दिल्ली में एक साल के लिए गुटखा-ज़र्दा बैन
हरियाणा की बीजेपी सरकार भी गुटखे पर बैन लगा चुकी है. आप जानते हैं कि बैन लगाना आसान है, लेकिन असली चैलेंज उसे लागू करवाना है.
Advertisement

चौंकिए मत, केजरीवाल के बगल में ओबामा नहीं खड़े हैं. ये तस्वीर है फोटोशॉप्ड. इंटरनेट पर घूम रही है. केजरीवाल पान खा रहे हैं.
दिल्ली में गुटखा, पान मसाला और खैनी जैसे तंबाकू प्रोडक्ट एक साल के लिए बैन हो गए हैं. दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने यह फैसला लिया है. डिपार्टमेंट ऑफ फूड सेफ्टी ने 13 अप्रैल को इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दी थी. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही यह फैसला लागू हो गया है. अब गुटखा-पान मसाला और खैनी की खरीद-बिक्री और स्टोरेज दिल्ली में गैरकानूनी माना जाएगा. यह नियम बिना पैकेट के बिकने वाले तंबाकू पर भी लागू होगा. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने काफी पहले शहर में गुटखा बैन करने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद उस वक्त की दिल्ली सरकार ने सितंबर 2012 में 'गुटखा' बैन करने का नोटिफिकेशन जारी किया था. लेकिन चूंकि नोटिफिकेशन में 'गुटखा' शब्द का इस्तेमाल था तो तंबाकू रिटेलर्स गुटखे के कंपोनेंट (सुपारी और कच्ची तंबाकू) को अलग-अलग पाउच में बेचने लगे थे. इससे गुटखे पर बैन का मकसद ही पूरा नहीं हो पा रहा था. इसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने चबाए जाने वाले सारे तंबाकू प्रोडक्ट बैन करने का प्रस्ताव दिया. भारत में तम्बाकू मुंह और गले के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है. हरियाणा की बीजेपी सरकार भी गुटखे पर बैन लगा चुकी है. आप जानते हैं कि बैन लगाना आसान है, लेकिन असली चैलेंज उसे लागू करवाना है.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement











.webp?width=275)
.webp?width=275)


.webp?width=120)

.webp?width=120)



