निर्भया गैंगरेप के दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया गया है. राजनेताओं ने कहा कि न्याय की जीत हुई है.
दिसंबर, 2012 का निर्भया गैंगरेप-मर्डर केस. पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 जनवरी को इस केस के चार दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर दिया है. घटना के सात साल बाद. चारों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी दी जाएगी. दोषियों के वकील का कहना है कि वो इस सजा के खिलाफ क्यूरेटिव पिटीशन दायर करेंगे. सुप्रीम कोर्ट में. डेथ वॉरंट जारी होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर खुशी ज़ाहिर करने लगे. निर्भया का नाम सबसे टॉप पर ट्रेंड करने लगा. आम जनता के साथ-साथ सेलेब्स और कई नेताओं ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी. गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा,
न्याय के लिए लोगों का इंतज़ार आज खत्म हो गया. ये दोषियों को फ़ांसी पर चढ़ाने भर की बात नहीं है. बल्कि ये फैसला बताता है कि ऐसे अपराधों के लिए ज़ीरो टॉलरेंस होना चाहिए.
पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट किया,
आखिरकार! देश की बेटी को इंसाफ मिल गया.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा,
हम निर्भया केस के दोषियों के डेथ वारंट का स्वागत करते हैं. ये राहत का काम करेगा.
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा,
पूरा देश इस फ़ांसी का इंतज़ार कर रहा है. कानून की जीत हुई है.
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ट्वीट किया,
#Nirbhaya को मिला न्याय. दिल्ली की एक अदालत का चार दोषियों को फांसी देने का फैसला महिलाओं को सशक्त करेगा और न्यायपालिका पर लोगों के विश्वास को मजबूत करेगा.
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट किया,
न्याय की जीत हुई है!
निर्भया केस के चारों आरोपियों का डेथ वारंट मजबूत संदेश देने वाला है. ये भारत की महिलाओं के लिए निर्णायक पल है.
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