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अंदरूनी चोट, खून का बहना... साइरस मिस्त्री की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया?

क्या करते तो साइरस मिस्त्री के बचने के चांस थे?

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टाटा सन्स के पूर्व प्रमुख साइरस मिस्त्री की 4 सितंबर को सड़के हादसे में हुई थी मौत (फोटो- पीटीआई)

टाटा सन्स के पूर्व प्रमुख साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है. इससे पता चलता है कि एक्सीडेंट के तुरंत बाद उनकी मौत हो गई थी. PM रिपोर्ट बताती है कि साइरस और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले दोनों के सिर में और शरीर के अंदरुनी हिस्सों में गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण उनकी मौत हो गई. 4 सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर में उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हुई थी. गाड़ी की पिछली सीट पर साइरस और जहांगीर बैठे थे. गाड़ी उनकी दोस्त और मुंबई की नामी गायनाकॉलोजिस्ट डॉ अनाहिता पंडोले चला रही थीं. सामने की सीट पर उनके पति डारियस पंडोले बैठे थे. इन दोनों को भी गंभीर चोट आई और दोनों अस्पताल में भर्ती हैं.

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'साइरस के सिर में काफी ज्यादा ब्लीडिंग'

मुंबई के जेजे अस्पताल में साइरस मिस्त्री का पोस्टमार्टम किया गया था. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनकी छाती, सिर, गर्दन, जांघ में गंभीर चोट लगी थी. आगे की जांच के लिए विसरा और खून के सैंपल को रखा गया है. इंडिया टुडे से जुड़े मुस्तफा शेख की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर में चोट की वजह से काफी ज्यादा खून बह गया था. जेजे अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह की चोट तब लगती है जब शरीर को बहुत जोर का झटका लगा हो जैसे कार 100 की स्पीड से सीधे जीरो पर पहुंच जाए.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि जहांगीर पंडोले की मौत भी इसी तरह की गंभीर चोट की वजह से हुई. जहांगीर पंडोले KPMG ग्लोबल स्ट्रैटजी ग्रुप के डायरेक्टर थे. अस्पताल के मुताबिक, दोनों के विसरा सैंपल को फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजा जाएगा. विसरा जांच शरीर में किसी तरह के केमिकल, एल्कोहल और जहर की मौजूदगी के लिए किया जाता है. सूत्रों ने बताया कि सैंपल को डीएनए जांच के लिए भी रखा गया है.

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'सीट बेल्ट लगाने पर असर कम होता'

वहीं इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में एक फोरेंसिक एक्सपर्ट के हवाले से बताया है कि साइरस मिस्त्री ने सीट बेल्ट नहीं लगाया था, जिसके कारण शायद वो आगे की तरफ जोर से गिरे होंगे. एक्सपर्ट ने कहा, 

"शायद वह आगे की सीट या डैशबोर्ड से टकराए हों, जिससे कई गंभीर चोटें आई खासकर सिर पर. अगर वो सीट बेल्ट लगाकर रखते तो असर कम होता. कुछ मामलों में हमने देखा है कि पीछे की सीट पर बेल्ट नहीं लगाने वाले लोग एक्सीडेंट में कार से बाहर तक निकल जाते हैं."

4 सितंबर को पालघर के चारोटी के पास ये हादसा हुआ था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि गाड़ी की रफ्तार ज्यादा थी. अचानक उनकी कार (मर्सिडीज GLC) डिवाइडर से टकराई और बेकाबू हो गई. पालघर में जहां उनका एक्सीडेंट हुआ, उस जगह की भी फोरेंसिक जांच की जाएगी. कई स्टडी में यह सामने आया है कि अगर पिछली सीट पर बैठने वाले सेफ्टी बेल्ट लगाएं तो 55-75 फीसदी तक मौतों को रोका जा सकता है.

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