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बच्चों के लिए सिर्फ ये कोरोना वैक्सीन, बूस्टर डोज के लिए भी समय तय

कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सरकार के नए दिशा-निर्देश जानना बहुत जरूरी है.

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Booster Dose कोविड वैक्सीन के दूसरे डोज के 9 महीने बाद लगेगा. 15 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन तीन जनवरी से शुरू होगा.
केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से की गई हालिया घोषणाओं के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. इंडिया टुडे से जुड़ीं मिलन शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि अब 15 से 18 साल के बच्चों को केवल कोवैक्सीन के डोज लगेंगे. सरकार की तरफ से इसका कारण स्पष्ट नहीं किया गया है.
इससे पहले 25 दिसंबर को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बॉयोटेक की बनाई कोवैक्सीन को 12 साल से अधिक की उम्र वाले बच्चों को लगाने के लिए इमरजेंसी अप्रूवल दिया था. इसके लिए उसने कुछ शर्तें भी रखी थीं. बता दें कि DCGI की तरफ से 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जाइडस कैडिला की वैक्सीन को भी मंजूरी दी जा चुकी है. हालांकि सरकार ने फिलहाल कोवैक्सीन लगवाने की बात कही है. 9 महीने के अंतराल पर बूस्टर डोज वहीं बूस्टर डोज के संबंध में केंद्र सरकार ने कहा है कि ये दूसरे डोज के बाद नौ महीने पूरे होने पर ही दिए जाएंगे. हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से अधिक की उम्र वाले सभी लोगों पर ये शर्त लागू होगी. उदाहरण के लिए अगर किसी फ्रंटलाइन वर्कर को एक दिसंबर, 2021 को कोविड वैक्सीन का दूसरा डोज लगा है, तो बूस्टर डोज उसे 1 सितंबर, 2022 को लगेगा.
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प्रतीकात्मक तस्वीर, इंडिया टुडे

दूसरी बीमारियों से जूझ रहे और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज लेने के लिए सर्टिफिकेट भी देना होगा. नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और कोविन प्लेटफॉर्म के कामकाज की अध्यक्षता करने वाले डॉक्टर नरेश शर्मा ने ये जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि सर्टिफिकेट ये साबित करेगा कि 60 साल से अधिक का कोई व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रस्त है और उसे बूस्टर डोज की जरूरत है. उन्होंने कहा कि दूसरी बीमारियों की लिस्ट पहले की ही तरह तैयार की जाएगी, जो 45 से 59 साल की उम्र के व्यक्तियों के लिए तैयार की गई थी.
दूसरी बीमारियों की इस लिस्ट में कुल 20 बीमारियों को शामिल किया जाएगा. इनमें दिल की बीमारी से लेकर डायबिटीज, कैंसर, किडनी, सिकल सेल डिजीज, स्टेम सेल ट्रांसप्लांट इत्यादि शामिल हैं. इन बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों को एक रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर्स से सर्टिफिकेट पर साइन कराने होंगे और फिर उसे कोविन पोर्टल पर अपलोड करना होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर जरूरी घोषणा की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि जहां 15 से 18 साल के बच्चों के लिए कोविड टीकाकरण अभियान अगले साल 3 जनवरी से शुरू होगा, वहीं हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को 10 जनवरी से प्रिकॉशन डोज लगाए जाएंगे. पीएम मोदी ने ये भी कहा था कि 60 से अधिक की उम्र वाले उन लोगों को भी 10 जनवरी से प्रिकॉशन डोज दिए जाएंगे, जो दूसरी बीमारियों से जूझ रहे हैं. हालांकि, ऐसे लोगों को केवल डॉक्टर की सलाह पर ये डोज दिए जाएंगे. प्रधानमंत्री ने 'प्रिकॉशन डोज' का जिक्र किया था. हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स ने इसे बूस्टर डोज (Booster Dose) ही कहा है.

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