जिस तरह NRC और CAA को लेकर राजनीति हो रही है. जिस तरह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जी लगातार हमला कर रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि आप NRC-CAA की ज़द में अगर आ रहे हैं तो आपको अहम दस्तावेज दिखाने पड़ेंगे. हम लोग अपने पुरखों की कब्रगाह पर आए हुए हैं क्योंकि अब हमारे पास कुछ बचा नहीं है दिखाने के लिए. इस मुल्क के हम बाशिंदे हैं. इस मुल्क के हम बंदे हैं. पीढ़ियों दर पीढ़ी इसी मुल्क में रहे हैं और इसी मुल्क में ज़मींदोज हो गए.कब्रों के पुरखों से सीधे मुख़ातिब होते हुए वो कहते हैं,
हम अपने पुरखों की कब्रगाह पर आकर हम उनसे इस बात की गवाही ले रहे हैं कि आप उठिए और गवाही दीजिए कि हम इस मुल्क के हैं. इस मुल्क के हम बाशिंदे. इस मुल्क के हम रहनुमा हैं. और अगर डिटेंशन कैंप में हमको रखा जाता है तो हमारे पुरखों की कब्रगाह से इनको भी निकाला जाए और इनकी कब्रों को भी उठाकर डिटेंशन कैंप में रखा जाए. इसीलिए मैं यहां आकर...इतना कहकर वो बैठ जाते हैं और रोने की आवाज़ निकालते हैं. पीछे से एक आदमी अपनी घनघोर मंचीय प्रतिभा का प्रदर्शन करता है और ऊंची आवाज़ में आकर कहता है-
मत रो मेरे भाई! इस मुल्क की न्यायपालिका पर और इस मुल्क के संविधान पर हम सबको भरोसा है भाई. इंशाअल्लाह, हमारी जीत होगी. फिकर मत करना भाई. उसने कहा है कि एक इंच नहीं हटेंगे. इंशाल्लाह. वो बिल्कुल सरकार से...वीडियो पेश करते हैं- कैमरा और हसीब के आंसू 2019 में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें वो गांधी की फोटो के साथ रोने का प्रयास करते हुए देखे गए थे. उन्होंने तब कहा था,
महात्मा गांधी हमें छोड़कर चले गए और जिस तरह राजनीतिक पार्टियां उन्हें लेकर प्रोपैगैंडा फैलाने का काम करती हैं. आज प्यारे बापू की ज़रूरत.... और रोना स्टार्ट. फिर वो खुद को 'संभालते' हुए कहते हैं कि बापू के रास्ते पर पार्टियां नहीं चल रही हैं. सिर्फ प्रियंका गांधी जी, राहुल गांधी जी और सोनिया गांधी जी ने इस पर चलने का संकल्प लिया है. गांधी जी की हत्या बार-बार की गई.इतना बोलकर उनका गला भर आया. आवाज़ लड़खड़ाने लगी. अगल-बगल वालों के चेहरे लटक गए. कैमरा ज़ूम हुआ. फिर उनका करुण स्वर गूंजा,
बापू आप फिर आ जाइए. या तो हमें अपने पास बुला लीजिए या जो इस देश को लूटने का काम कर रहे हैं, उनसे मुक्त करा दीजिए.उनके इस टैलेंट की विशेषता रही है कि वो अपनी बात कहते-कहते अंत में रोने लगते हैं. जैसा 3 इडियट्स वाले चतुर रामालिंगम कहते हैं, 'उन्होंने मेहनत से अपने आपको इस क़ाबिल बनाया है.' हसीब का ट्रैक रिकॉर्ड इससे पहले इलाहाबाद में हसीब अहमद कांग्रेस के 'पोस्टर बॉय' रहे हैं. नेता के तौर पर नहीं, लिटरली. वो तरह-तरह के दावों वाले पोस्टर लगाते रहे हैं और बिखरी हुई चर्चा बटोरते रहे हैं. राहुल गांधी को उन्होंने शिव भक्त बताया था. सोनिया गांधी को रानी झांसी दिखाते हुए पोस्टर लगाया. प्रियंका गांधी को यूपी में भूमिका दिए जाने से पहले उनके पोस्टर खू़ब वायरल हुए थे. किसी में उन्होंने प्रियंका को 'गंगा की बेटी' बताया था. किसी में इंदिरा से तुलना की. इन पोस्टर में कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की भी फोटो होती थी. हसीब अहमद प्रमोद तिवारी के करीबी बताए जाते हैं.
भयंकर वायरल: ट्विटर पर लड़की से नंबर मांगा तो जवाब पुणे पुलिस की ओर से मिला
























