इंदौर की लोकसभा सीट (Indore Lok Sabha Seat) से अक्षय कांति बम (Akshay Kanti Bam) ने कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर 29 अप्रैल को अपना नामांकन वापस ले लिया. अब कांग्रेस इसे लेकर बीजेपी पर आरोप लगा रही है. आरोप है कि बीजेपी ने अक्षय कांति बम पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया है.
नामांकन वापसी वाले दिन 307 का केस... इंदौर वाले मामले में कांग्रेस ने BJP पर क्या आरोप लगा दिए?
Congress ने Indore Lok Sabha seat से Akshay Kanti Bam के नामंकन वापस लेने वाले मामले में BJP पर आरोप लगाए हैं. इस दौरान उन्होंनें एक 17 साल पुराने मामले का जिक्र किया.


आजतक से जुड़े रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने वाले फैसले पर बीजेपी पर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि नामांकन वापस लेने के लिए अक्षय बम को धमकाया गया था और उन्हें प्रताड़ित भी किया गया. उन्होंने कहा,
अक्षय बम के खिलाफ एक पुराने मामले में IPC की धारा 307(हत्या का प्रयास) लगी थी. इसे लेकर उन्हें पूरी रात अलग-अलग तरीकों से धमकाया गया. जिसके बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस लिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, एक स्थानीय कोर्ट के निर्देश पर अक्षय बम के खिलाफ 17 साल पुराने मामले में 307 धारा जोड़ी गई थी. ये धारा नामांकन वापस लेने के कुछ दिन पहले ही जोड़ी गई है.
17 साल पहले क्या हुआ था?साल 2007 में अक्षय बम का नाम यूनुस खान के साथ जमीन विवाद में सामने आया था. इस मामले को लेकर 4 अक्टूबर, 2007 को उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी. तब उन पर हमला, मारपीट और धमकाने के आरोप लगे थे. आरोप है कि उस वक्त यूनुस खान पर गोली भी चलाई गई थी. लेकिन खजराना पुलिस ने तब FIR में हत्या के प्रयास की धारा नहीं जोड़ी थी.
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रिपोर्ट के मुताबिक, जिस दिन अक्षय कांति बम ने कांग्रेस की तरफ से इंदौर लोकसभा सीट पर नामांकन दर्ज करवाया, उसी दिन कोर्ट के आदेश पर 17 साल पुराने इस मामले में अक्षय बम पर IPC की धारा 307 लगाई गई. कोर्ट ने उन्हें 10 मई को पेश होने का आदेश भी दिया.
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