
कैथरीन मार्टीनेज़ (फोटोःइंस्टाग्राम)
कैथरीन मार्टीनेज़ पेशे से एक मॉडल और डीजे हैं. एक गेम खेलते वक्त हुई बहस के बाद उन्हें कोलंबिया के कली शहर के पुलिस स्टेशन पर लाया गया. उन्होंने शराब पी रखी थी और इसलिए वो कुछ नशे में थीं. पुलिस स्टेशन लाकर उन्हें खिड़की से चेन से बांध दिया गया. वो कुछ देर खड़ी रहीं लेकिन फिर उन्हें लगी चोट की वजह से उनका पैर दुखने लगा और उन्होंने थाने के स्टाफ से एक चेयर मांगी. इस पर पुलिस वालों ने शर्त रखी कि उन्हें चेयर तब दी जाएगी जब वो अपनी ड्रेस उठा कर खुद को एक्सपोज़ करेंगी. कैथरीन दर्द के मारे परेशान थीं और नशे की हालत में ठीक से फैसला नहीं कर पा रही थीं. तो मजबूरी में उन्होंने अपनी ड्रेस उठा ली. उस वक्त थाने में पुलिस वालों के साथ कैदी भी मौजूद थे. पुलिस वालों ने कैथरीन का वीडियो बना कर वॉट्स्ऐप पर अपलोड कर दिया. डेली मेल के मुताबिक इस वीडियो में थाने के कैदी कैथरीन की हरकतों पर शोर मचाते सुने जा सकते हैं.
कली पुलिस के कमांडर ह्यूगो कासास ने मान लिया है कि उनकी फोर्स के लोगों ने इस तरह की हरकत की. वो मामले की न्यायिक जांच कराने की बात कर रहे हैं.
कोलंबिया में घटी इस घटना का ज़िक्र हिंदुस्तान में इसलिए ज़रूरी है क्योंकि एक नशे मे धुत औरत को एक 'ईज़ी' औरत मानने की प्रवृत्ति हमारे यहां भी है. एक औरत शराब पी ले, ये कई लोगों के लिए अपने आप में एक स्कैंडल होता है. इन लोगों को जितनी 'दिक्कत' हमें औरत के शराब पीने से है, वो तुरंंत गायब हो जाती है जब वो औरत नशे में आ जाती है. तब वो उसे बिलकुल दूसरी नज़र से देखने लगते हैं. तुरंत दोस्ती का दौरा पड़ जाता है. नशा जब एक औरत की तर्क शक्ति कम कर देता है, तो ये लोग उस से तरह-तरह के 'फेवर' लेने की कोशिश करने लगते हैं.
आम लोग ऐसा करते हैं, हम जानते हैं. लेकिन जब एक पुलिस वाला ऐसा करता है, तब ज़्यादा घिन आती है क्योंकि पुलिस वालों से उम्मीद की जाती है कि वो वर्दी में रहते हुए अपनी इच्छाओं, अपनी कुंठाओं से ऊपर उठें.
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