रेप की ख़बरें परेशान कर देती हैं. इतनी क्रूरता के बारे में सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ज़हन में खौफ आता है कि आज भी समाज कितना खतरनाक है औरतों के लिए, जो ये सोचे बैठा है कि औरत सिर्फ सेक्स के लिए हैं. इस खबर ने तो शरीर में सिहरन पैदा कर दी. जब सुना कि एक 10वीं की स्टूडेंट ने स्कूल में ही एक बच्ची को जन्म दिया है. बच्ची को लगातार रेप का शिकार बनाया जा रहा था. एक ऑटो ड्राइवर उसका रेप कर रहा था. इस बात की भनक किसी को भी नहीं थी. इस बच्ची के हाल को सुनकर अपने आसपास के लोगों पर भी शक होने लगता है. कि कहां किसके दिमाग में क्या चल रहा है कुछ नहीं पता. ये मानसिकता का दिवालियापन है. जो बच्चों पर भी ज़ुल्म करते हुए नहीं डर रहे. पड़ोस में रहने वाला 51 साल का ऑटो चालक उसका रेप कर रहा था. पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है. NBT की रिपोर्ट के मुताबिक ऑटो ड्राइवर से जब पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि है वह लड़की का 4-5 बार रेप कर चुका था. उसे अपने जाल में फंसाए रखने के लिए रुपयों का लालच देता था. आरोपी लड़की को कभी 500 तो कभी 800 रुपये देता था, ताकि वह किसी को इस बारे में न बता सके.
लड़की को शुरू में अपने प्रेग्नेंट होने का पता नहीं चला. जब पेट फूलने लगा तो आरोपी ने उसे बच्चा गिराने की दवा खिला दी. दवाई का असर ये हुआ कि लड़की को स्कूल में प्री-मेच्योर डिलीवरी (26 सप्ताह) हो गई.
बच्ची के घर वालों को लग रहा था कि किसी बीमारी या गैस की वजह से लड़की का पेट फूल रहा है. मगर फिर एक दिन स्कूल से डिलीवरी की खबर आ गई. नाबालिग मां और नवजात बच्चा एक सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती हैं. फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
देखिए वीडियो
https://www.youtube.com/watch?v=whzksn0EciA नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी मिलिंद डुंबरे ने बताया कि पुलिस को इस मामले की जानकारी हॉस्पिटल से मिली थी. जब लड़की होश में आई तो उसने ऑटो चालक के बारे में बताया. लड़की ने 20 जुलाई को स्कूल के बाथरूम में बच्ची को जन्म दिया था. उस रोज लड़की का कंपार्टमेंट का एग्जाम था. पुलिस की पकड़ में आया ऑटो ड्राइवर अब्दुल गफ्फार है. उसकी फैमिली बिहार में है. दिल्ली में वो किराए पर अकेला रहता है.
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