कट चुकी है उम्र सारी जिनकी पत्थर तोड़ते, अब तो उन हाथों में कोहिनूर होना चाहिए. मरहूम शायर राहत इंदौरी का ये शेर हर उस शख्स के लिए है जिसने अपनी और अपने लोगों की जिंदगी बेहतर करने के लिए सालोंसाल दिन-रात एक किया. लेकिन मेहनतकश लोगों की जिंदगी में भी होते हैं, ट्विस्ट. बस उनको किसी वजह से पता नहीं होता.
नौकरी गई तो 21 साल कबाड़ उठाकर गुजारा किया, अब पता चला बैंक में लाखों पड़े हैं
एक व्यक्ति सालों तक कबाड़ इकट्ठा करने का काम करता रहा. लेकिन जब उसे सोशल वर्कर मिले, तो उसे पता लगा कि उसके पास पेंशन के लाखों रुपये हैं.

चीन के हुनान में 'रू' नाम का एक व्यक्ति सरकारी दुकान में काम करता था. 2000 के दशक की शुरुआत में वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग (कर्मचारियों की संख्या में बदलाव) के दौरान उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था. रू ने उस दुकान में लगभग 30 साल काम किया था. नौकरी छूटने के समय उन्हें मुआवजा भी दिया गया था.
रू ने कुछ समय तक उन्हीं पैसों से अपना गुजारा किया. लेकिन जल्द ही मुआवजे के पैसे खत्म हो गए और वह कर्ज में डूब गए. रिश्तेदारों से भी उनकी बहस हो गई. आखिर में अपना गुजारा करने के लिए उन्होंने कबाड़ इकट्ठा करना शुरू कर दिया. 21 साल ऐसे ही बीत गए और रू 71 साल के हो गए.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, 2024 की सर्दियों में सोशल वेलफेयर वर्कर का ध्यान रू पर गया. वह खाली बिल्डिंग में रह रहे थे. सोशल वर्कर बुजुर्ग को अपने साथ शेल्टर में ले आए.
रू ने एक्टिविस्ट को अपने बारे में जानकारी दी. इस बीच अधिकारियों को पता लगा कि 2015 में रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंचने के बाद रू बुजुर्ग पेंशन के हकदार थे. उनकी पेंशन का अनुमान 3700 युआन प्रति माह (करीब 53 हजार रुपये) था. लगभग एक दशक बाद ये राशि जमा होकर 4 लाख 20 हजार युआन (लगभग 61 लाख रुपये) से ज्यादा हो गई.
रू को नहीं थी पेंशन की जानकारीताज्जुब की बात ये कि रू को पेंशन के पैसों की कोई जानकारी नहीं थी. उन्हें लगता था कि पेंशन पाने के लिए उन्हें लंबे समय तक इंश्योरेंस का पेमेंट करना होगा. लेकिन जॉब जाने के बाद और आर्थिक तंगी के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए. अब बुजुर्ग को जब 61 लाख रुपयों के बारे में पता लगा, तो वह भावुक हो गए. उन्होंने सोशल असिस्टेंस अधिकारियों और दूसरे सरकारी विभागों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि वे अब अपने होमटाउन झूझोऊ जाने का प्लान कर रहे हैं.
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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को अधिकारियों ने बताया कि रू ने 30 साल सरकारी दुकान में काम किया. उसी दौरान उनकी सैलरी से इंश्योरेंस के लिए पैसे काटे जा चुके थे. सोशल वर्कर ने बुजुर्ग को उनका बैंक कार्ड देते हुए इसे सुरक्षित रखने की सलाह दी.
कर्मचारी ने उन्हें समझदारी से पैसों का इस्तेमाल करने और टेलीकम्युनिकेशन स्कैम से सावधान रहने के लिए भी कहा. पेंशन से जुड़ा चीन का नियम कहता है कि जिन लोगों ने 15 साल से ज्यादा समय तक इंश्योरेंस दिया है, वे रिटायरमेंट के बाद पेंशन पाने के हकदार हो सकते हैं.
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