नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से एक तरफ चीन आग बबूला है तो दूसरी तरफ पूरी दुनिया में युद्ध के डर से टेंशन पैदा हो गई है. चीन की आर्मी लगातार ताइवान की सीमा में अपना शक्ति प्रदर्शन कर रही है. इसी कड़ी में गुरूवार 4 अगस्त को चीन ने ताइवान स्ट्रेट जोन में मिसाइलें दागी हैं. ताइवान की सेना ने इसकी पुष्टि कर दी है. खबरों के मुताबिक ये मिसाइलें ताइवान स्ट्रेट जोन के एक आइलैंड मात्सु के आसपास दागी गई हैं. ताइवान की सीमा में चल रहे इस सैन्य अभ्यास में चीन ने कम से कम 10 नेवी शिप और बहुत से एयर फोर्स प्लेन्स का इस्तेमाल किया है.
चीन ने मिसाइल मारी, ताइवान बोला- 'लग गया न, तो दौड़ा के मारेंगे!'
चीन ने ताइवान स्ट्रेट जोन के एक आइलैंड मात्सु के आसपास ये मिसाइलें दागी हैं. ताइवान की सीमा में चल रहे इस सैन्य अभ्यास में चीन ने कम से कम 10 नेवी शिप और बहुत से एयर फोर्स प्लेन्स का इस्तेमाल किया है.


ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि चीन ने गुरुवार को ताइवान के नज़दीक समुद्र में कई "बैलिस्टिक मिसाइल" दागी हैं. पिंगतान द्वीप पर मौजूद एएफपी के पत्रकार ने कहा कि उन्होंने कई छोटी मिसाइल आसमान में उड़ते हुए हुए देखीं.
वहीं रॉयटर्स ने ताइवान में अपने सूत्रों के हवाले से ख़बर चलाई है कि चीन के सैनिकों ने ताइवान की सीमा में घुसपैठ करनी शुरू कर दी है. चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक ताइवान के आसपास लाइव-फायर अभ्यास और दूसरे सैन्य अभ्यास रविवार को दोपहर 12:00 बजे तक चलेंगे.
ताइवान की सीमा पर चल रहे इस चीनी शक्ति प्रदर्शन पर ताइवान की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है. वहां के अधिकारियों ने कहा है कि चीन की तरफ से किया जा रहा ये अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन करता है. ताइवान की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि चीन जहां अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहा है वो सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में से एक है. साथ ही उसी इलाके से कई विमान भी आना-जाना करते हैं. ऐसी जगह में ये अभ्यास करना चीन की गैर-जिम्मेदारी और नाजायज व्यवहार को दर्शाता है.
ब्रिटिश अखबार द गार्डियन अखबार के मुताबिक ताइवान की सेना हाई अलर्ट पर है. उसकी तरफ से कहा गया है कि वे युद्ध ना चाहते हुए भी युद्ध की तैयारी कर रहे हैं.
चीन ने क्या कहा?इस बीच चीन की उपविदेश मंत्री हुआ चुनयिंग ने कहा है,
हमने ही अमेरिका को ये कहते हुए सुना है कि वे ज़रूरत में किसी के साथ भी खड़े होंगे, लेकिन इतिहास गवाह है कि वे जिन लोगों के साथ खड़े होने का दावा करते हैं उनके लिए केवल विनाश होता है और आती हैं आपदाएं. उदहारण के लिए आप इराक, सीरिया, लीबिया और अफगानिस्तान को देख ही सकते हैं.
अमेरिका भी इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. उसने चीन के युद्धाभ्यास को देखते हुए ताइवान के पास फिलिपींस सी में अपना एक युद्धपोत ‘रोनाल्ड रीगन’ USS Ronald Reagan भेज दिया है.
नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे का जिंगपिंग कैसे लेंगे बदला?



















