The Lallantop

'कभी किसी लेस्बियन को वैलेंटाइंस पर बॉयफ्रेंड लाने के लिए मत कहना'

शेफ को दी सीख, हर लड़की को नहीं होती मर्द की जरूरत.

Advertisement
post-main-image
Facebook
एली पार्कर लेस्बियन हैं. ग्रीनवुड इंडियाना में रहती हैं. वैलेंटाइंस डे पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डिनर पर गईं थी. ये साथ में उनका पहला वैलेंटाइंन डे था तो खुश भी ज्यादा थीं. उनका शेफ खाना लेकर आया और पूछने लगा कि क्या वो दोनों अकेली हैं? उनके बॉयफ्रेंड कहां हैं? ये जानने पर कि वो लेस्बियन हैं, उसने कहा भले ये लीगल है लेकिन किसी मर्द के साथ रिलेशनशिप में न होना टाइम की बर्बादी है. इसके बाद भी वो चुप नहीं हुआ और ये कहता रहा कि वो चाहें तो उनके घर आ सकता है. एली पार्कर ने इस बारे में फेसबुक पर लिखा और पोस्ट वायरल हो गई, रेस्टोरेंट वाले सकते में आ गए और उन्हें पोस्ट हटाने के बदले सारे पैसे लौटाने का ऑफर दिया. एली ने पोस्ट नहीं हटाई लेकिन लोगों की सोच सामने ला दी. जो ये सोचते हैं कि लड़कियां लेस्बियन सिर्फ इसलिए हो जाती हैं क्योंकि उन्हें लड़के नहीं मिलते. उस शेफ की सोच उन तमाम लोगों जैसी है जिन्हें लगता है कि समलैंगिकों में लॉयल्टी नहीं होती और वो किसी के साथ भी सोने को तैयार हो जाएंगे.

इन्हें भी पढ़िए

LGBTQ 1: अब दोस्त को 'गांडू' नहीं कहता

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

LGBTQ 2: 'उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो'

LGBTQ 3: जरूरी तो नहीं कि हर इंसान खुद को 'औरत' या 'मर्द' कहलाना चाहे

Advertisement
Advertisement