CBI के डिप्टी लीगल एडवाइजर जितेंद्र कुमार का शव मिलने (CBI's Deputy Legal Advisor Deadbody Found) की खबर है. गुरुवार, 1 सितंबर को सुबह-सुबह दिल्ली पुलिस को घटना का पता चला था, जिसकी जानकारी देर रात तक सामने आई.
दिल्ली: सरकारी आवास में CBI के कानूनी सलाहकार की लाश मिली, साथ में मिला सुसाइड नोट
मृतक जितेंद्र कुमार को CBI के लोधी रोड स्थित कार्यालय में नियुक्त किया गया था. पुलिस को सुबह पौने 7 बजे सूचना मिली.


दिल्ली पुलिस को जिस घर में जितेंद्र कुमार का शव मिला, वो साउथ दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी स्थित हुडको प्लेस में स्थित है. ये एक सरकारी आवास है. आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, 48 वर्षीय जितेंद्र कुमार के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है. पुलिस के मुताबिक अभी तक जितनी जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक़ सुसाइड नोट में अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है. ऐसे में फिलहाल इसे आत्महत्या का ही केस माना जा रहा है. पुलिस ने जितेंद्र कुमार का शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.
दि हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, जितेंद्र कुमार हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे. उन्हें CBI के लोधी रोड स्थित कार्यालय में नियुक्त किया गया था. एक सीनियर अधिकारी के हवाले से अखबार ने बताया है कि कथित रूप से जितेंद्र कुमार के सुसाइड नोट में किसी को उनकी मौत का दोषी नहीं ठहराया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को गुरुवार सुबह पौने सात बजे के आसपास इस घटना की जानकारी मिली थी.
इसके बाद क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम तुरंत जितेंद्र के आवास पहुंचीं. वहां जितेंद्र का शव मिलने के बाद उनके परिजनों और करीबी रिश्तेदारों को जानकारी दे दी गई. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक जितेंद्र का परिवार दिल्ली से बाहर रहता है. पत्नी ज्योति हिमाचल प्रदेश के मंडी में रहती हैं. वहीं भाई राजेंदर चंडीगढ़ के निवासी हैं. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ) बेनिटा मैरी जैकर ने बताया कि पुलिस ने जितेंद्र की पत्नी और भाई को दिल्ली बुलाया था. वे दोनों राजधानी पहुंच गए हैं.
CBI के वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई थी, जिसके बाद वे भी जितेंद्र के घर पहुंचे थे. आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक जितेंद्र कुमार के साथ कुछ हेल्थ इशूज थे. दो साल पहले ही उनका चंडीगढ़ से दिल्ली ट्रांसफर हुआ था. वो यहां अकेले रह रहे थे. फिलहाल पुलिस डिफेंस कॉलोनी के लोगों से सवाल-जवाब कर रही है.
सुसाइड केस सुलझाने में CBI की गाड़ी बहुत स्लो है!













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