बच्चे होशियार भी हैं. अमा पढ़ने में नहीं कह रहे. पढ़ाने में. टीचर्स को सबक सिखाने का मन होता है तो वो ऊपर से नीचे तक एक सी ड्रेस, एक सा गेटप बना देते हैं. अब पहचानो. चेक करो होमवर्क. एक नोट्स बनाता है. दोनों उसको दिखा लेते हैं. सी महेश हैं स्कूल के स्पोक्सपर्सन. वो बताते हैं कि यहां क्लास वन से लेकर हाई स्कूल तक बच्चे पढ़ते हैं. जुड़वा बच्चे आने कुछ ही वक्त पहले शुरू हुए हैं. कुछ दिन पहले 16 जोड़े थे. अब 28 हैं. स्कूल के पास इन जुड़वा बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई स्पोशल पॉलिसी नहीं है. सबके साथ पढ़ रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=AsxfTBIdt5kइस स्कूल में मिलेंगे सबसे ज्यादा कन्फ्यूज टीचर
स्कूल में 28 जोड़े ऐसे हैं जो डिट्टो एक दूसरे से दिखते हैं. ये जुड़वा बच्चे हैं. इनका होमवर्क चेक करने में टीचर्स को कितना माथा मारना पड़ता होगा.
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Source: Dailymail
आंध्र प्रदेश स्टेट में एक जगह है चित्तूर. और इस जगह एक स्कूल है कैम्फर्ड इंग्लिश हाई स्कूल. बढ़िया स्कूल है इंग्लिश मीडियम. जबर पढ़ाई होती है. लेकिन इस स्कूल के टीचर्स बेचारे...उनकी कहानी बड़ी सेंटीमेंटल है. वो एक स्टूडेंट को बुलाते हैं. होमवर्क देखने के लिए. देख कर वापस भेजते हैं. दो मिनट बाद फिर उसी को बुलाते हैं. वो ठुनक कर खड़ा होता है "अरे सर अभी तो मैं आया था." लेकिन टीचर पहचाने कइसे? सब डिट्टो एक से दिखते हैं. सेम टू सेम. असल में इस स्कूल को जुड़वा बच्चों वाला स्कूल कहा जाता है. 4 से 16 साल तक के बच्चे हैं इसमें. और उनमें 28 जोड़े जुड़वा हैं.
बच्चे होशियार भी हैं. अमा पढ़ने में नहीं कह रहे. पढ़ाने में. टीचर्स को सबक सिखाने का मन होता है तो वो ऊपर से नीचे तक एक सी ड्रेस, एक सा गेटप बना देते हैं. अब पहचानो. चेक करो होमवर्क. एक नोट्स बनाता है. दोनों उसको दिखा लेते हैं. सी महेश हैं स्कूल के स्पोक्सपर्सन. वो बताते हैं कि यहां क्लास वन से लेकर हाई स्कूल तक बच्चे पढ़ते हैं. जुड़वा बच्चे आने कुछ ही वक्त पहले शुरू हुए हैं. कुछ दिन पहले 16 जोड़े थे. अब 28 हैं. स्कूल के पास इन जुड़वा बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई स्पोशल पॉलिसी नहीं है. सबके साथ पढ़ रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=AsxfTBIdt5k
बच्चे होशियार भी हैं. अमा पढ़ने में नहीं कह रहे. पढ़ाने में. टीचर्स को सबक सिखाने का मन होता है तो वो ऊपर से नीचे तक एक सी ड्रेस, एक सा गेटप बना देते हैं. अब पहचानो. चेक करो होमवर्क. एक नोट्स बनाता है. दोनों उसको दिखा लेते हैं. सी महेश हैं स्कूल के स्पोक्सपर्सन. वो बताते हैं कि यहां क्लास वन से लेकर हाई स्कूल तक बच्चे पढ़ते हैं. जुड़वा बच्चे आने कुछ ही वक्त पहले शुरू हुए हैं. कुछ दिन पहले 16 जोड़े थे. अब 28 हैं. स्कूल के पास इन जुड़वा बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई स्पोशल पॉलिसी नहीं है. सबके साथ पढ़ रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=AsxfTBIdt5kAdd Lallantop as a Trusted Source

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