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CAA पर लेक्चर देने गए सांसद को यूनिवर्सिटी के कमरे में क्यों बंद होना पड़ा?

सांसद ने ट्वीट किया- मैं विश्‍वभारती में बैठक को संबोधित कर रहा हूं. एक कमरे में बंद हूं और बाहर भीड़ है.

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राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता सीएए-2019- अंडरस्टैंडिंग और इंटरप्रिटेशन कार्यक्रम में शामिल होने विश्वभारती यूनिवर्सिटी गए थे. जैसे ही बीजेपी सांसद कैंपस पहुंचे, छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया.
नागरिकता संसोधन कानून यानी सीएए. इसके समर्थन और विरोध दोनों के पक्ष में प्रदर्शन हो रहे हैं. सीएए के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए बीजेपी डोर-टू-डोर कैंपेन चला रही है. इस बीच पश्चिम बंगाल से एक खबर आई है. राज्यसभा के सांसद हैं स्वपनदास गुप्ता. उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा है. विश्वभारती यूनिवर्सिटी में छात्रों के एक वर्ग ने स्वपन दासगुप्ता का विरोध किया. उन्हें कमरे में लॉक होना पड़ा. क्या है मामला? स्‍वपन दासगुप्‍ता का कहना है कि उन्‍हें पश्चिम बंगाल के बीरभूम में विश्‍वभारती यूनिवर्सिटी में सीएए-2019- अंडरस्टैंडिंग और इंटरप्रिटेशन कार्यक्रम में शामिल होना था. लिपिका ऑडिटोरियम में उनका लेक्चर प्रस्तावित था. यह कार्यक्रम शाम 3 बजकर 30 मिनट पर होना था. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर विद्युत चक्रवर्ती उन्हें सम्मानित करने वाले थे. जैसे ही सांसद कैंपस पहुंचे, छात्र उनके खिलाफ प्रदर्शन करने लगे. एसएफआई के छात्रों की भीड़ से बचने के लिए स्वपन दासगुप्ता एक कमरे में बंद होना पड़ा. स्‍वपन दासगुप्‍ता ने ट्वीट किया,
सीएए की एक शांतिपूर्ण बैठक पर भीड़ के हमले और धमकाने वाले छात्रों के बीच कैसा लगता है? इस समय यही हो रहा है. मैं विश्‍वभारती में एक बैठक को संबोधित कर रहा हूं. एक कमरे में बंद हूं और बाहर भीड़ है.'
उन्होंने एक और ट्वीट किया
विश्व भारती शांतिनिकेतन के एक कमरे में वीसी सहित लगभग 70 लोग बंद हैं. क्योंकि इन्होंने यूनिवर्सिटी की ओर से बुलाए गए सीएए पर लेक्चर सुनने का अपराध किया है. वहीं बाहर एक गरजने वाली भीड़ खड़ी है जो विरोध के लिए तैयार है.
वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी की एसएफआई इकाई के नेता सोमनाथ साव ने कहा,
छात्र विश्‍वभारती की धरती पर किसी ऐसे व्‍यक्ति को प्रचार-प्रसार नहीं करने देंगे जो समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा देने वाला हो. यह विश्‍वविद्यालय रवींद्रनाथ टैगोर के आदर्शों पर खड़ा है.'
छात्रों के आरोपों का जवाब देते हुए स्‍वपन दासगुप्‍ता ने कहा,
'मैं विश्‍वभारती में नागरिकता संशोधन कानून की भाषण श्रृंखला के तहत बोलने आया था. यह किसी राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम नहीं था.'
विश्‍वविद्यालय के एक टीचर का कहना है कि जब तक विरोध चला, तब तक स्‍वपन दासगुप्‍ता को एक गेस्‍ट हाउस में रखा गया था. इस मामले में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अगर स्वपन दासगुप्ता के साथ कुछ हुआ तो इसके परिणाम बहुत खराब होंगे. उन्होंने ममता बनर्जी और शासन प्रशासन से निवेदन किया कि वो स्वपन दासगुप्ता की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले. नहीं तो इसके परिणाम बहुत खराब होंगे.
ममता बनर्जी ने CAA को लेकर कहा कि उनके लाश पर से गुजरना होगा

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