सीएए की एक शांतिपूर्ण बैठक पर भीड़ के हमले और धमकाने वाले छात्रों के बीच कैसा लगता है? इस समय यही हो रहा है. मैं विश्वभारती में एक बैठक को संबोधित कर रहा हूं. एक कमरे में बंद हूं और बाहर भीड़ है.'
विश्व भारती शांतिनिकेतन के एक कमरे में वीसी सहित लगभग 70 लोग बंद हैं. क्योंकि इन्होंने यूनिवर्सिटी की ओर से बुलाए गए सीएए पर लेक्चर सुनने का अपराध किया है. वहीं बाहर एक गरजने वाली भीड़ खड़ी है जो विरोध के लिए तैयार है.
छात्र विश्वभारती की धरती पर किसी ऐसे व्यक्ति को प्रचार-प्रसार नहीं करने देंगे जो समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा देने वाला हो. यह विश्वविद्यालय रवींद्रनाथ टैगोर के आदर्शों पर खड़ा है.'छात्रों के आरोपों का जवाब देते हुए स्वपन दासगुप्ता ने कहा,
'मैं विश्वभारती में नागरिकता संशोधन कानून की भाषण श्रृंखला के तहत बोलने आया था. यह किसी राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम नहीं था.'विश्वविद्यालय के एक टीचर का कहना है कि जब तक विरोध चला, तब तक स्वपन दासगुप्ता को एक गेस्ट हाउस में रखा गया था. इस मामले में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अगर स्वपन दासगुप्ता के साथ कुछ हुआ तो इसके परिणाम बहुत खराब होंगे. उन्होंने ममता बनर्जी और शासन प्रशासन से निवेदन किया कि वो स्वपन दासगुप्ता की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले. नहीं तो इसके परिणाम बहुत खराब होंगे.
ममता बनर्जी ने CAA को लेकर कहा कि उनके लाश पर से गुजरना होगा
























