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बिहार में छात्र नकली नोट छापते धरे गए, पुलिस आई तो फिल्मी स्टाइल में हुए रफू चक्कर

BPSC क्रैक कर बड़ा अधिकारी बनना चाह रहे थे.

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नकली नोट छापने वाले छात्र पकड़े गए (फोटो- आजतक)

बिहार में नकली नोट (Fake Currency Notes) छापने वाला एक ‘गैंग’ पकड़ा गया है. गैंग चलाने वाले लोग कोई माफिया नहीं, बल्कि पढ़ाई कर रहे कुछ छात्र हैं. वे सभी BPSC परीक्षा की तैयारी करते हैं. पुलिस को उनके पास से लाखों रुपये के नकली नोट और शराब की कुछ बोतलें भी बरामद की हैं. आरोप है कि वहां अवैध शराब का धंधा भी चल रहा था. पुलिस ने मामले में दो छात्रों को गिरफ्तार किया है.  

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आजतक से जुड़े राजेश कुमार झा की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला पटना के श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र के आनंदपुरी इलाके का है. पुलिस को नकली नोट छापे जाने की गुप्त सूचना मिली थी. 22 मई को पुलिस जब छापेमारी के लिए वहां पहुंची तो दोनों आरोपी अपार्टमेंट से नीचे कूद गए. दोनों को काफी चोट भी लगी. पुलिस ने अंदर छानबीन की और पता चला कि वहां नकली नोटों का धंधा चल रहा है.

श्रीकृष्णापुरी थाने की सब-इंस्पेक्टर पिंकी कुमारी ने आजतक को बताया,

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“हमें गुप्त सूचना मिली थी कि आनंदपुरी इलाके के राजा राम अपार्टमेंट में कुछ अवैध धंधा चल रहा है. उसके आधार पर छापेमारी की गई. घटनास्थल से आधे छपे नकली नोट, प्रिंटर, केमिकल, जाली नोट के कागज के बंडल और शराब की बोतलें जब्त की गई हैं. दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है."

पुलिस को अपार्टमेंट से एक लाख 77 हजार के नकली नोट मिले. सभी नकली नोट 500 और 200 के हैं. 

दोनों आरोपियों की पहचान नवादा के रहने वाले रतन यादव और कटिहार निवासी याकूब खान के तौर पर हुई. घायल आरोपियों को फिलहाल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है. उनके अलावा और कितने लोग इस गैंग में शामिल हैं, इस बात की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. 

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इससे पहले, ऐसा ही एक मामला वैशाली से सामने आया था. गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया था. मौके से नोट गिनने की मशीन और नकली नोटों का बंडल बरामद किया गया था.

वीडियो: मास्टरक्लास: फर्जी में जैसे नकली नोट छापे तो क्या होगा? सरकार क्यों खूब नोट नहीं छापती?

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