दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने चार लोगों को कार चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग गाड़ी चुराकर उसे पुर्जों में अलग-अलग कर बेंच देते थे. चोरी से कमाए हुए रुपयों से ये अपने गैंग के सरगना का इलाज करवा रहे थे.
सरगना के इलाज के लिए गाड़ियां चुराते, फिर काटकर पुर्जे बेचते थे, पुलिस ने प्लान बनाकर धरा!
सरगना को ब्लड कैंसर है. गोदाम में काटते थे गाड़ियां. पूरी कहानी किसी वेब सीरीज जैसी.


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 30 जनवरी को चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के नाम लकी(36), शफीक(21), मजीम अली(25) और राम सजीवन(62) हैं. आरोपियों का दिल्ली के बाहरी इलाके में खुद का गोदाम है. आरोप है कि पिछले एक महीने में उस गोदाम में 20 से ज्याद महंगी कारों को डिमैंटल किया गया है. DCP(साउथवेस्ट) मनोज सी का कहना है कि आशीष उर्फ आशू, लकी का भाई है. आशू ही इन आरोपियों का का सरगना है और वो दिल्ली के एक अस्पताल में ब्लड कैंसर का इलाज करवा रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऑफिसर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया,
‘रंगे हाथों पकड़े गए’'उन्हें अपने गैंगलीडर की कीमोथेरेपी और बोनमैरो ट्रांसप्लांट के लिए 10 लाख रुपए जुटाने थे. उनका गैंग लीडर लकी दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है और आशीष ने ही उन्हें गाड़ी चुराना सिखाया है.'
पुलिस ने बताया कि स्वपन रॉय नाम के एक शख्स ने अपनी गाड़ी चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसमें उन्होंने बताया था कि 8 जनवरी को साउथ दिल्ली के आनंद निकेतन से उनकी टोयोटा इनोवा क्रिस्टा कार चोरी हो गई थी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक करवाए. जिसकी मदद से पुलिस ने दिल्ली के बाहरी क्षेत्र में मौजूद उनके गोदाम का पता लगाया. फिर 17 और 18 जनवरी की रात के बीच पुलिस ने उनके ठिकाने पर रेड डाली. जहां से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के वक्त आरोपी गाड़ी के पुर्जे काट रहे थे.
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