
घटिया जोक 1

घटिया जोक 2
ये कौन सी तमीज है और कितनी जल्दबाजी है. किसी महिला का राजनैतिक करियर आप खंगाल नहीं सकते क्योंकि पढ़ने में दिमाग और वक्त लगता है. लेकिन आपको जोक्स मारने की जल्दी है, ज्यादा से ज्यादा शेयर और रिट्वीट होना है तो सबसे पहले आसान शिकार करते हैं. जो कि उस महिला का नाम है. गोया महबूबा कोई नाम नहीं बदनामी का किस्सा हो. वही नाम जो लोग चिट्ठियों में लिखकर अपनी कलाइयां काटते थे वो एक राजनैतिक हस्ती से जुड़ जाने के बाद मजाक का सबब बन गया है. ऐसे भद्दे मजाक महबूबा मुफ्ती के साथ तब भी होते जब उनका नाम कुछ और होता लेकिन उनके नाम ने ये काम आसान कर दिया.

घटिया जोक 3

घटिया जोक 4
तीन साल गठबंधन का हिस्सा रहीं महबूबा मुफ्ती गठबंधन टूटते ही अचानक से देशद्रोही, पाकिस्तान समर्थक और पत्थरबाज गैंग की हिमायती हो जाएंगी लेकिन सबसे ज्यादा वो बेवफा होंगी क्योंकि उनका नाम महबूबा है. यहां महबूबा सिर्फ नाम नहीं, रिश्ता जैसा बनाकर मजाक उड़ाया जा रहा है. सबसे अजीब बात ये है कि ये ट्रोलिंग बीजेपी समर्थक और बीजेपी विरोधी दोनों कर रहे हैं. मतलब महबूबा नाम खरबूजे जैसा हो गया है वो चाहे चाकू पर गिरे या चाकू उस पर, कटना उसी को है. ऐसे मजाकिया लोगों से कोहनी तक हाथ जोड़कर निवेदन है कि अपने ह्यूमर को धार दीजिए. किसी का मजाक उड़ाने के लिए रिश्ते, रंग, जाति, धर्म, जाति, लिंग मत देखिए. सटायर में जिस गहराई की जरूरत होती है वो पैदा कीजिए. थैंक्यू रहेगा.
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