ओडिशा में बाइक से घर लौट रहे BJP नेता की हत्या, आरोप कानून मंत्री पर लगा है
इस मामले के लेकर बीजेपी और बीजेडी आमने-सामने आ गई हैं.
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उड़ीसा के इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. फोटो- इंडियाटुडे
ओडिशा का कटक जिला. 2 जनवरी. रात का वक्त था जब बीजेपी के एक बुजुर्ग नेता अपने सहयोगी के साथ घर लौट रहे थे. घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर हमला किया. हमले में दोनों की मौत हो गई. हत्या करवाने का आरोप राज्य के कानून मंत्री पर है. घटना को लेकर बीजेपी ने ओडिशा की सत्तारूढ़ बीजेडी पर सवाल उठाए हैं और डबल मर्डर का ये मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है. इस केस में अभी तक क्या कुछ हुआ है आपको विस्तार से बताते हैं.
ओडिशा के कटक जिले में 2 जनवरी की रात क्या हुआ था?
75 साल के कुलमणि बराल. सालीपुर के बीजेपी प्रभारी. अपने सहयोगी दिब्य सिंह बराल के साथ मोटरसाइकल पर अपने गांव नृतांग लौट रहे थे. इसी दौरान उन पर हमला हुआ. धारदार हथियार से उन पर वार किए गए. मौके पर ही कुलमणि बराल की मौत हो गई. वहीं, दिब्य सिंह बराल की मौत अगले दिन कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान हुई.
ओडिशा के कानून मंत्री पर आरोप
महांगा थाने के प्रभारी रंजन कुमार परीदा ने बताया कि मृतक कुलमणि के बेटे रमाकांत ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है. इस FIR में 13 लोगों का नाम है जिनमें से छह लोगों पर हत्या करने के आरोप हैं, वहीं बाकी पर हत्या की प्लानिंग के आरोप लगाए गए हैं. रमाकांत ने कहा कि उनके पिता ने प्रधानमंत्री आवास योजना में जारी धांधलियों का खुलासा किया था. रमाकांत का आरोप है कि बीजेडी के विधायक और राज्य के कानून मंत्री प्रताप जेना के गुंडों ने उनके पिता का कत्ल किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को पुरानी दुश्मनी मान रही है लेकिन ये एक राजनीतिक साजिश है.
आरोपों से कानून मंत्री प्रताप जेना का इनकार
ओडिशा के कानून मंत्री जेना अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हैं. उन्होंने मीडिया से कहा कि राजनीति में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और यह घटना बेहद निंदनीय है. मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि बीजेपी नेता की हत्या करने वालों को सजा मिले. उन्होंने बीजेपी पर हत्या को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया.
बीजेपी ने रैली निकाली, मंत्री को गिरफ्तार करने की मांग
4 जनवरी को बीजेपी ने भुवनेश्वर में रैली निकाली और कानून मंत्री प्रताप जेना को गिरफ्तार करने की मांग की. बीजेपी ने बीजेडी सरकार से आरोपी मंत्री को बर्खास्त करने की भी मांग की. कानून मंत्री के पुतले जलाते हुए बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा. ओडिशा में बीजेपी के महासचिव पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि अगर 48 घंटों के भीतर हत्यारे गिरफ्तार नहीं हुए तो प्रदेश के हर हिस्से में सरकार को विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ेगा. किसी मंत्री और सीएम को भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इस मामले पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि बीजेपी के सीनियर नेता को बेरहमी से इसलिए मार दिया गया क्योंकि उन्होंने मिनिस्टर प्रताप जेना के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी. FIR में भी मिनिस्टर का नाम है. क्या ओडिशा सरकार बंगाल की तर्ज पर जा रही है? इस मामले पर बीजेडी प्रवक्ता चिन्मय साहू ने कहा कि उनकी पार्टी किसी तरह की हिंसा का सपोर्ट नहीं करती है. NCRB रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है. बीजेपी को जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए. पुलिस जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लेगी. कटक के एसपी ग्रामीण जुगल किशोर बानोथ ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह टीमें बनाई गई हैं, पुलिस मामले की तह तक जाएगी. हत्या के कारण भी पता किए जाएंगे और सभी आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जाएगा.
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