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यात्रा में तलवार-बंदूक ले जाने पर आया बिट्टू बजरंगी का बयान, वायरल वीडियो पर क्या बोला?

यात्रा में हथियार ले जाने और मोनू मानेसर से जान पहचान को लेकर भी बिट्टू का बयान सामने आया है.

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हरियाणा हिंसा पर बिट्टू बजरंगी का बयान. (फोटो- आजतक)

हरियाणा हिंसा (Haryana Violence) से जुड़े दो चेहरे और उनके वायरल वीडियो. मोनू मानेसर और बिट्टू बजरंगी (Bittu Bajrangi). मोनू मानेसर यात्रा में जाने की बात से इनकार कर चुका है . अब मामले पर बिट्टू बजरंगी का बयान भी सामने आया है. उसका कहना है कि वो लोग यात्रा में महिलाओं और बच्चों के साथ निकले थे तो लड़ाई क्यों करेंगे? यात्रा में हथियार ले जाने और मोनू मानेसर से जान पहचान को लेकर भी उसने बयान दिया है.

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आजतक से जुड़े राहुल गौतम के साथ बातचीत में बिट्टू बजरंगी ने बताया,

हर साल की तरह इस साल भी शोभा यात्रा निकाली गई. पूजा के बाद सबने खाना खाया. कीर्तन हुआ. हम वापस लौट रहे थे. काफिला 500 मीटर ही चला होगा. तभी हमने वहां देखा कि आगे हमारी कुछ बसों-गाड़ियों को आतताइयों ने आग के हवाले कर दिया. वहीं पास में एक मस्जिद थी. उनके पास करीब 250 हथियार थे जिससे उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. 
हमें महिलाओं और बच्चों की चिंता था. यात्रा को वापस कर हम मंदिर में चले गए.

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यात्रा में हथियार कहां से आए?

इस सवाल के जवाब में बिट्टू ने कहा,

जो एक-आध बंदूक थीं, वो लाइसेंस की थीं. जो तलवारें हमारे पास थीं वो पूजा पाठ-शादी ब्याह वाली हैं. लड़ाई करने वाली तलवार नहीं. अपने परिवार के साथ हम लड़ाई क्यों लड़ने जाएंगे? हम शांति से गए थे.

दरअसल, यात्रा से पहले बिट्टू का एक वीडियो वायरल हुआ था. उसमें वो कह रहा है, ये बोलेंगे कि बताया नहीं कि हम ससुराल आए और मुलाकात नहीं हुई, फूल माला तैयार रखना, जीजा आ रहे हैं. उस वीडियो पर सफाई देते हुए बिट्टू ने कहा,

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वीडियो उन लोगों के लिए था जिन्होंने मुझे यात्रा से एक दिन पहले वॉट्सएप पर धमकी दी थी कि वो मुझे मारेंगे. उन्होंने बोला था कि तेरे टुकड़े करेंगे और जलाएंगे. हिंसा के बाद फिर धमकियां मिल रही हैं. वो कह रहे हैं कि हम अफसोस कर रहे हैं कि तू बचकर कैसे निकल गया. 

बिट्टू ने आगे कहा,

मेरे बोलने से कुछ नहीं हुआ. 15 दिन पहले से प्लानिंग थी कि शोभा यात्रा नहीं निकलने देंगे. नारे भी लगाए गए. धमकी दी गई. पुलिस की भी लापरवाही थी. इस तरह की हिंसा ना हो इसलिए पहले से सिक्योरिटी फोर्स लगा दी जानी चाहिए थी. नाम मात्र सिपाही खड़े कर दिए गए.

बिट्टू ने माना कि वो मोनू मानेसर को जानता है. बिट्टू ने कहा कि मोनू गोरक्षक है ना कि कोई आतंकवादी. बताया कि एक सम्मेलन के दौरान आखिरी बार उसकी मोनू से मुलाकात हुई थी. 

वीडियो: हरियाणा नूह हिंसा: दो समुदायों के बीच हिंसा, मोनु मानेसर से जुड़े हिंसा के तार!

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