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"CBI और ED मेरे घर में ही ऑफिस खोल ले, मैं जगह दे दूंगा" - बिहार डिप्टी CM तेजस्वी यादव

'जब मेरी मूंछ नहीं आई थी तब मुझ पर केस दर्ज किया गया था. मैं इन सब चीजों से नहीं डरता हूं'

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तेजस्वी यादव (फोटो- इंडिया टुडे)

बिहार (Bihar) में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद बीजेपी (BJP) और नीतीश सरकार (Nitish Kumar) के बीच आरोप प्रत्यारोप जारी है. अब बीजेपी पर निशाना साधते हुए बिहार के डिप्टी सीएम बने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सीबीआई (CBI) पर केंद्र सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया है. तंज कसते हुए तेजस्वी ने सीबीआई से उनके घर में ही दफ्तर खोलने की भी बात कह दी.

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तेजस्वी यादव ने क्या कहा? 

डिप्टी सीएम की शपथ लेने के बाद गुरुवार को तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात की. इस दौरान जब उनसे CBI, ED और इनकम टैक्स को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा,

“जब मेरी मूंछ नहीं आई थी तब मुझ पर केस दर्ज किया गया था. मैं इन सब चीजों से नहीं डरता हूं. सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स मेरे घर में ही आकर ऑफिस खोल लें. इनका मोस्ट वेलकम है. मैं उन्हें जगह दे दूंगा. उन लोगों को तब जाकर शांति मिलेगी. दफ्तर खोलने के बाद भी शांति नहीं मिलती तो क्या किया जा सकता है.”

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इससे पहले बीजेपी नेताओं ने तंज कसते हुए नीतीश और तेजस्वी की जोड़ी को सांप और नेवले की जोड़ी बताया. इसपर टिप्पणी करते हुए बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा,

“बीजेपी की छाती पर सांप लोट रहा है. बीजेपी के बड़े नेताओं द्वारा दी गई जिम्मेदारी को पूरा नहीं करने के कारण बीजेपी के नेता गुस्से में हैं. बिहार के बीजेपी नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी कि नीतीश कुमार की पार्टी को खत्म कर देना है. होमवर्क पूरा नहीं हुआ तो खिसियाई बिल्ली की तरह बीजेपी बौखला गई है.”

तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा,

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“शीर्ष नेतृत्व की नजर में बिहार बीजेपी के नेता फेल हो गये हैं. इनकी विश्वसनियता खत्म हो गई है.”

बिहार के युवाओं को रोजगार देने के मसले और अपने वादे को लेकर तेजस्वी ने खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा,

“मैं पहली बार विधानसभा में जाते ही डिप्टी सीएम बन गया था. कई मंत्रालय का काम संभाला और विकास के कई काम किए. बहुत कम दिनों में ही मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष का भी अनुभव कर लिया. पहले जब कम अनुभव था तो कई काम किए. अब तो पहले से ज्यादा और हर तरह का अनुभव हो गया है. इसलिए विकास के काम तेजी से होंगे.”

बता दें कि जब साल 2015 में बिहार चुनाव हुए थे, तब नीतीश और लालू ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार का गठन किया था. लेकिन ये गठबंधन कुछ महीनों के अंतराल पर टूट गया और नीतीश ने फिर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार का गठन किया था. फिर साल 2020 में विधानसभा चुनाव की बारी आई, नतीजे के बाद नीतीश एनडीए में शामिल रहे, सरकार बनाई. और अब अगस्त 2022 में आया बदलाव सामने है.

देखें वीडियो- बिहार में सरकार गिरी तो अखिलेश ने आंदोलन का जिक्र क्यों छेड़ा?

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