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मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी के पास 150 तोतों के शव मिलने से हड़कंप

Madhya Pradesh के Khargone में Narmada नदी के किनारे पिछले तीन दिनों में 150 तोतों की मौत की खबर आई है. स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग मामले की जांच में जुटा है. पशुपालन विभाग ने 100 से ज्यादा तोतों के शवों का पोस्टमार्टम कराया है.

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मध्य प्रदेश के खरगोन में 150 तोतों की मौत हो गई है. (इंडिया टुडे)

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन (Khargone) में पिछले 72 घंटे में 150 तोतों (Parrot Death) की मौत से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है. लोग बर्ड फ्लू या किसी संक्रामक बीमारी की आशंका से भयभीत हैं. लेकिन पशुपालन विभाग की शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग (Food Poisning) से तोतों की मौत का अंदेशा जताया गया है. आगे की जांच के लिए सैंपल्स भोपाल और जबलपुर लैब भेजे गए हैं.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला खरगोन जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर बड़वाह कस्बे का है. यहां नर्मदा नदी के किनारे बने एडवाक्ट ब्रिज (पानी के एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाला पुल) के पास अलग-अलग जगहों पर दर्जनों तोते बेसुध पड़े दिखे. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग को इसकी जानकारी दी.

पशुपालन विभाग ने अब तक 100 से ज्यादा तोतों के शवों का पोस्टमार्टम कराया है. विभाग के उप निदेशक डॉ. जीएस सोलंकी ने कलेक्टर के आदेश पर घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में बर्ड फ्लू या किसी भी संक्रामक बीमारी की संभावना नहीं दिख रही है. डॉ. सोलंकी ने बताया, 

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मैंने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया. अक्सर पक्षियों को लोग चावल, मिक्सचर्स या फिर दूसरी चीजें खिलाते हैं. ऐसा लगता है कि इसी वजह से तोतों में फूड पॉइजनिंग हुई है. इनके आंतरिक अंगों के सैंपल्स इकट्ठा करके विस्तृत जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब में भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट हो पाएगा.

बरवाहा कस्बे की पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम जांच में मरे हुए तोतों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण मिले हैं. उन्होंने कहा,

 कई बार लोग अनजाने में पक्षियों के दाने में ऐसी चीजें मिला देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए उपयुक्त नहीं होतीं. साथ ही पक्षी कई बार कीटनाशक छिड़काव के बाद खेतों से अनाज भी चुन लेते हैं, जो उनके लिए घातक साबित होता है.

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मनीषा चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान पक्षियों के पेट में चावल के दानों के साथ-साथ छोटे पत्थर और कंकड़ भी मिले हैं. उनके मुताबिक अभी तक की जांच में बर्ड फ्लू का कोई लक्षण नहीं मिला है. वन्यजीव कार्यकर्ता टोनी शर्मा ने भी बताया कि पुल पर आने वाले लोग पक्षियों को खाना देते हैं. उसमें कोई गड़बड़ खाद्य पदार्थ पक्षियों की मौत का कारण हो सकता है. 

इस घटना के बाद स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने लोगों से पक्षियों को खिलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है. टोनी शर्मा ने बताया कि पक्षियों को केवल कच्चे अनाज जैसै ज्वार, बाजरा या गेहूं ही देना चाहिए. पका हुआ भोजन, मसालेदार चीजें या बचा हुआ खाना पक्षियों के लिए जहर का काम कर सकता है.

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