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जुनैद और नासिर को जिंदा जलाने के आरोपियों का क्या हुआ? ओवैसी ने एक दिन पहले लिया था नाम

राजस्थान पुलिस ने भिवानी हत्याकांड पर कार्रवाई की है.

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भिवानी के नासिर-जुनैद हत्याकांड में दो आरोपी अरेस्ट. (फोटो- आजतक)

राजस्थान पुलिस ने भिवानी मर्डर केस के दो आरपियों को अरेस्ट किया है (Bhiwani Murder Case Accused Arrest). इनके नाम हैं मोनू राणा और गोगी. ये गिरफ्तारी ऐसे वक्त में हुई है जब यूपी में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद के एनकाउंटर की घटना पर बवाल मचा है. गुरुवार को असद और उसके साथी गुलाम को यूपी पुलिस ने झांसी में मार गिराया था. इसके बाद AIMIM के चीफ और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उसकी सरकार जुनैद और नासिर के हत्यारों का एनकाउंटर नहीं करेगी, क्योंकि इस घटना के पीड़ित मुसलमान हैं. अब इस मामले के दो और आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर आई है.

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क्या है भिवानी हत्याकांड?

इसी साल फरवरी में हरियाणा के भिवानी में एक बोलेरो गाड़ी के अंदर दो नर कंकाल मिले थे. बाद में मृतकों की पहचान जुनैद और नासिर नाम के दो मुस्लिम युवकों के रूप में हुई थी. रिपोर्टों के मुताबिक दोनों को कथित रूप से गोरक्षकों ने मारपीट के बाद जिंदा जला दिया था. राजस्थान के भरतपुर के पहाड़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले इन युवकों को उन्हीं की बोलेरो में जिंदा जलाया गया था.

यहां साफ कर दें कि अरेस्ट हुआ मोनू राणा और मोनू मानेसर दो अलग लोग हैं. जब फरवरी में केस सामने आया था तब मुख्य आरोपियों में मोनू मानेसर का नाम भी शामिल था.

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अब तक क्या-क्या हुआ? 

घटना 16 फरवरी की है. भिवानी के लोहारू इलाके में जुनैद और नासिर के जले हुए कंकाल मिले. मामले में मोनू मानेसर के अलावा निमूलथान, श्रीकांत निमरोडा, लोकेश और रिंकू सैनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया. तब हरियाणा पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू सैनी को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने ये भी बताया था कि मृतक जुनैद के खिलाफ गोतस्करी के 5 केस दर्ज थे.

आगे की पुलिस जांच में सामने आया कि कथित गोरक्षकों के दो गुट 15 फरवरी के दिन घायल जुनैद और नासिर को लेकर 15 घंटे तक पूरे हरियाणा में घूमे थे. पुलिस ने केस में नौ लोगों के शामिल होने की बात कही थी. तभी मोनू राणा, कालू, विकास, शशिकांत, किशोर और गोगी का नाम भी सामने आया था. 

घटना को लेकर मचे हंगामे के बीच हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के 30 से 40 पुलिसवालों के खिलाफ FIR दर्ज की थी. उन पर केस में एक आरोपी की पत्नी के साथ मारपीट के आरोप लगे थे.

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ये भी पढ़ें- भिवानी हत्याकांड के आरोपी पुलिस के 'मुखबिर' निकले, मोनू मानेसर के बारे में क्या पता चला?

इस केस में आरोपी मोनू मानेसर ने शुरू में दावा किया था कि वो घटना के दौरान यानी 14-15 फरवरी को गुरुग्राम के एक होटल में था. सबूत के तौर पर उसने घटना वाली रात का सीसीटीवी वीडियो भी शेयर किया था. मोनू उर्फ मोनू मानेसर खुद को गोरक्षक बताता है. वो गोरक्षा दल का सदस्य है और बजरंग दल से जुड़ा हुआ है. सोशल मीडिया पर उसके काफी ज्यादा फॉलोअर हैं.

वीडियो: भिवानी हत्याकांड के आरोपी निकले पुलिस के 'मुखबिर', मोनू मानेसर के बारे में भी ये पता चला.

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