महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप को लेकर नया खुलासा हुआ है. अब तार एक क्रिकेटर के परिवार वालों से जुड़े हैं. ED ने कुछ दिन पहले इस मामले में गिरीश तलरेजा और सूरज चोखानी को गिरफ्तार किया था. ये दोनों महादेव ऐप के प्रमोटर हरि शंकर टिबरेवाल के करीबी सहयोगी हैं. जो कि दुबई बेस्ड एक हवाला ऑपरेटर है. अब इसमें किस क्रिकेटर के परिवार के मिले होने का खुलासा हुआ है? आपको बताते हैं.
महादेव ऐप मामले में नया 'एंगल', अब मशहूर क्रिकेटर की बहन का नाम सामने आया
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में क्रिकेटर की बहन का नाम सामने आया है. ED ने क्या-क्या बताया है?
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आजतक से जुड़े दिव्येश सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक गिरीश तलरेजा और सूरज चोखानी की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को रायपुर के पीएमएलए विशेष न्यायालय में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपियों को 11 मार्च तक यानी 7 दिनों के लिए ED की हिरासत में भेज दिया. अब ED की पूछताछ में पता चला है कि सूरज चोखानी पैसा कई लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में निवेश करता था. चोखानी ने बांग्लादेश में एक ऐप - 11विकेट डॉटकॉम - में भी निवेश किया था. जिसमें उनकी एक पार्टनर बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन की बहन जनतुल हसन हैं.
इसके अलावा चोखानी ने नेपाल के डेल्टिन कैसीनो में 40 करोड़ रुपये का निवेश किया था. और कैसीनो में बड़ी हिस्सेदारी ले रखी थी. ये सारा निवेश 'लोटस 365' और 'महादेव बुक ऐप' से अर्जित अवैध आय से किया गया था.
ED की जांच में ये भी पता चला है कि हरि शंकर टिबरेवाल के एक और सहयोगी गिरीश तलरेजा की लोटस 365 में हिस्सेदारी है, जोकि महादेव बुक ऐप की सहयोगी कंपनी है. इसे पुणे स्थित ब्रांच से संचालित किया जा रहा था. लोटस 365 के अवैध संचालन में गिरीश, रतन लाल जैन उर्फ अमन और सौरभ चंद्राकर का पार्टनर है. ईडी के मुताबिक इस ब्रांच द्वारा हर महीने लगभग 50 करोड़ रुपये की नगद सट्टेबाजी का प्रबंधन किया जा रहा था. अधिकारियों के मुताबिक गिरीश तलरेजा इस ब्रांच के कैश हैंडलिंग व्हाट्सप ग्रुप का सदस्य था और उसके पास से तलाशी के दौरान 1 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए.
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महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप क्या है?
महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया गया एक ऐप था. इस पर लॉग इन करने वाले यूजर कार्ड गेम्स, चांस गेम्स, पोकर जैसे लाइव गेम खेलते थे. आरोप है कि इस ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबॉल जैसे खेलों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. आरोप है कि इसी ऐप से चुनावों में भी सट्टेबाजी की जाती थी. अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क के जरिए महादेव बेटिंग ऐप का जाल पूरे देश में तेजी से फैला और इसमें सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले.
जूस की दुकान से हुई शुरुआत
इस ऐप की शुरुआत साल 2019 में सौरभ चंद्राकर नाम के एक शख्स ने की थी. सौरभ छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस फैक्ट्री नाम की जूस की छोटी दुकान चलाता था. इस दौरान उसकी दोस्ती रवि उप्पल नाम के एक इंजीनियर से हुई. सबसे पहले सौरभ और रवि ने साल 2017 में एक सट्टेबाजी वेबसाइट बनाई, लेकिन यह वेबसाइट कुछ खास चली नहीं. इसके बाद 2019 में सौरभ दुबई गया और अपने दोस्त रवि उप्पल को भी दुबई बुला लिया. दुबई में ही दोनों ने मिलकर महादेव बुक ऑनलाइन नाम से एक बेटिंग ऐप बनाई.
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