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मां के पेट से बच्चे को बाहर निकाला गया, फिर अंदर रखा गया, मेडिकल साइंस का ये करिश्मा सिर चकरा देगा!

बच्चे की मां 'लूसी' को प्रेगनेंसी के दौरान ओवरी (Ovaries) के कैंसर का पता चला. लूसी का ऑपरेशन किया गया तो बच्चे को पेट से बाहर निकाला गया.

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इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में एक बच्चे का दो बार जन्म हुआ. (तस्वीर-डेलीमेल)

कभी-कभी हमारे सामने कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं, जिन्हें हम चमत्कार का नाम दे देते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में. यहां एक बच्चे का दो बार जन्म हुआ. एक बार मां की कोख में. वहीं दूसरी बार एक ऐसे पल में जब बच्चे की मां जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी. यहां पर मां की हिम्मत, ममता और उम्मीद ने मिसाल पेश की है.

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बच्चे की मां कैंसर से जूझ रही थीं. इस दौरान बच्चे को कोख से गर्भ के बाहर निकालना. इसके बदा फिर उसे जिंदा वापस गर्भ में रख देना. ये सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था. यह एक मां और बच्चे की जिंदगी की दोबारा लिखी गई कहानी थी.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे का नाम रैफर्टी इसाक है. इसका जन्म दो बार हुआ. दरअसल बच्चे की मां 'लूसी' को प्रेगनेंसी के दौरान ओवरी (Ovaries) के कैंसर का पता चला. डॉक्टरों को डर था कि अगर इलाज में देरी हुई तो कैंसर फैल सकता है. और लूसी की जान को खतरा हो सकता है. इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की बात कही.

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डॉक्टरों ने बताया कि लूसी के गर्भाशय को उनके पेट से बाहर निकाला जाएगा. ताकि गर्भाशय के पीछे दोनों अंडाशयों में कैंसर कोशिकाओं की जांच की जा सके. इसके बाद ट्यूमर को बाहर निकाला जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों का कहना था कि इस प्रक्रिया में मां और बच्चे दोनों को खतरा हो सकता था. इसके बाद लूसी और उनके पति एडम इस प्रक्रिया के लिए तैयार हो गए.

इसके बाद डॉक्टर सोलेमानी माजद की अगुवाई में ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू हुई. इस दौरान उनकी टीम में कुल 15 लोग शामिल थे. इनमें 3 एनेस्थेटिस्ट और 5 थिएटर नर्स भी थीं. यह ऑपरेशन लूसी की गर्भावस्था के 20वें हफ्ते में किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक यह ऑपरेशन पांच घंटे तक चला. इस प्रक्रिया में गर्भ को शरीर से बाहर निकालकर कैंसरग्रस्त अंडाशयों (Ovaries) की जांच की गई. इस दौरान बच्चा भी बाहर रहा. फिर कैंसर टिशू निकाल दिए गए. इसके बाद गर्भ को सुरक्षित रूप से फिर से शरीर में वापस रखा गया.

रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी में बच्चे का फिर से जन्म हुआ. वह पूरी तरह से स्वस्थ रहा. बच्चे के जन्म के बाद मां लूसी बेटे को लेकर हॉस्पिटल पहुंचीं. जहां उनका ऑपरेशन हुआ था. इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर हूमन सोलेमानी माजद का शुक्रिया अदा किया. डॉ. माजद ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद भावुक और यादगार रहा. वहीं बच्चे के पिता एडम ने बताया कि उनका भी साल 2022 में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. एडम ने आगे कहा कि इतना कुछ झेलने के बाद बेटे रैफर्टी को अपनी बाहों में लेना उनके लिए सबसे सुखद पल रहा.

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