कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, ख़ालिस्तान और निज्जर. ख़बरों के इन कीवर्ड्स को इंटरनेट की दुनिया से उतरे चार हफ़्ते बीत चुके हैं. अब एक महीने बाद, फिर ख़बर आई है. कीवर्ड फिर चढ़ रहा है. जस्टिन ट्रूडो (Canada PM Justin Trudeau) ने बीते महीने ‘ख़ालिस्तानी आतंकी’ हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या में भारत सरकार की संलिप्तता के आरोप (India-Canada tension) लगाए थे. अब ऑस्ट्रेलिया के इंटेलिजेंस चीफ़ ने कहा है कि उन्हें कनाडा के आरोपों में कुछ ग़लत नहीं लगता. कनाडा ने जो आरोप लगाए हैं, उनके पास उन्हें न मानने की कोई वजह नहीं है. इस डिप्लोमैटिक जवाब से संकेत गया है कि निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने के आरोप से ऑस्ट्रेलिया कहीं ना कहीं सहमत है.
निज्जर की हत्या पर ऑस्ट्रेलिया के खुफिया प्रमुख का बयान भारत को अच्छा नहीं लगेगा
ऑस्ट्रेलिया के भारत और कनाडा, दोनों ही के साथ संबंध अच्छे हैं. वो दोनों के साथ बहुत मज़बूत और रणनीतिक संगठनों का भागीदार है.


दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई समाचार चैनल ABC न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में ऑस्ट्रेलिया के सुरक्षा खुफ़िया संगठन के महानिदेशक माइक बर्गेस ने कहा है,
"इस मामले में कनाडाई सरकार ने जो कहा है, उस पर सवाल करने की कोई वजह नहीं है. गंभीर आरोप हैं और हम ऐसा नहीं करते हैं. किसी भी देश को नहीं करना चाहिए."
ऑस्ट्रेलिया और कनाडा फ़ाइव आइज़ (five-eyes) का हिस्सा हैं. फ़ाइव आइज़: अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड का एक ख़ुफ़िया गठबंधन है. इंटेलिजेंस चीफ़ माइक बर्गेस ने इसी गठबंधन की एक समिट के दौरान ये बयान दिया है.
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भारत और ऑस्ट्रेलिया क्वॉड समूह (QUAD) के सदस्य हैं. क्वॉड - ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के बीच एक रणनीतिक सुरक्षा मंच है. भारत ने कनाडा के आरोपों को ‘बेतुका’ बताकर ख़ारिज किया था और जवाब में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया था.
ऑस्ट्रेलिया में सिखों की एक बड़ी आबादी है. 2016 की जनगणना के मुताबिक़, सवा लाख के क़रीब सिख रहते हैं. ईसाइयत, इस्लाम, बौद्ध और हिंदू धर्म के बाद ये ऑस्ट्रेलिया का पांचवां सबसे प्रचलित पंथ है. हाल के सालों में वहां भी ख़ालिस्तानी गतिविधियां देखी गई हैं. जब बर्गेस से ये पूछा गया - 'क्या उन्हें लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में चरमपंथियों को भारत सरकार से डरने की कोई ज़रूरत है?' तो उन्होंने कहा, "ये आपको उनसे पूछना चाहिए."
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ये टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत और कनाडा के बीच संबंध सबसे बदतर हैं. दिल्ली और ओटावा के बीच भारी तनाव है. और, ये तनाव क्यों है? 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में अज्ञात हमलावरों ने 'ख़ालिस्तानी टाइगर फ़ोर्स' के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. और, ट्रूडो ने सदन में कह दिया कि उनके पास भारत सरकार और निज्जर की हत्या के बीच संबंधों के विश्वसनीय सबूत हैं.
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