चंपा 10वीं पास कर हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती थी. ब्यूटी पार्लर का कोर्स कर रही थी. 28 अप्रैल की शाम को ब्यूटी पार्लर से घर के लिए निकली. लेकिन पहुंची नहीं. उसके मां-पापा रात भर उसका इंतज़ार करते रहे.अगले पांच दिनों तक लोग चंपा को खोज-खोज थक गए. चंपा मिली तो सही, लेकिन जिंदा नहीं, मुर्दा. उसकी लाश 3 मई को मार्घेरीटा के लामा बस्ती गांव के पास एक नदी में तैरती मिली. उसके कुछ दिनों बाद ही मामला सोशल मीडिया पर गरमाने लगा. चंपा छेत्री की लाश की तस्वीर से फेसबुक और ट्विटर भर गया. हालांकि ये तस्वीरें असली हैं या नहीं, इसका कोई प्रूफ नहीं है. तस्वीर के साथ घूम रहा है राकेश फुरबा नाम के एक शख्स का ख़त, जो उन्होंने इंसाफ की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को लिखा है. https://twitter.com/TORUKH_MAKTO/status/729556172521365504 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. एक का नाम है बिस्वजीत खत्री, दूसरे का मोइनुल अली. पुलिस का ये भी कहना है कि चंपा इनमें से बिस्वजीत नाम के लड़के को पहचानती भी थी. लोगों का मानना है कि चंपा की मौत के पहले उसका रेप हुआ था. हालांकि इसकी मेडिकल जांच के नतीजे नहीं आए हैं. बीते सोमवार ऑल असम गोरखा स्टूडेंट्स यूनियन (AAGSU) ने मार्घेरीटा के तिनसुकिया डिस्ट्रिक्ट में प्रोटेस्ट के तौर पर 12 घंटे का 'बंद' घोषित किया. सारे स्कूल-कॉलेज, बैंक और दुकानें बंद रहे. पुलिस ने 200 लोगों को शाम 5 बजे तक हिरासत में रखा. चंपा की लाश मिले कुल 10 दिन हो गए हैं. लेकिन मेनस्ट्रीम मीडिया में इसका जिक्र न के बराबर रहा है. मीडिया में पहली रिपोर्ट 10 मई को आई, यानी घटना के 7 दिनों बाद. वो भी तब, जब सोशल मीडिया में तस्वीरें और मीडिया पर थू करती पोस्ट वायरल होने लगीं. लेकिन ये सिर्फ मेनस्ट्रीम मीडिया का दोष नहीं, नॉर्थ-ईस्ट को भौगोलिक के साथ-साथ सामाजिक हाशिए पर रखने में एक देश के तौर पर हम बराबर के दोषी हैं. ***
रेप और मर्डर की वो खबर, जो 'खबर' नहीं बनी
असम में प्रोटेस्ट हुए, कैंडल मार्च निकले, और किसी को खबर ही नहीं लगी.
Advertisement

वो तस्वीर, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
20 साल की चंपा का असम के मार्घेरीटा में कथित तौर पर रेप के बाद हिंसक मर्डर कर दिया गया.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement


















