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दिल्ली में नेता विपक्ष विलुप्तप्राय प्रजाति है: केजरीवाल

टैंकर घोटाले के छींटे से आज दिल्ली विधानसभा गरमाई रही, जबर बकैती हुई.

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फोटो - thelallantop
बाहर भले बादल रहे हों, शीला दीक्षित के समय दिल्ली में हुए टैंकर घोटाले को लेकर आज  दिल्ली विधानसभा का माहौल गर्म रहा. विधानसभा में घोटाला अपनी गूंज बनाए रहा. सोमवार को केजरीवाल विजेंद्र गुप्ता के पीछे पड़े रहे. और जो कहे उससे शीला गुप्ता को भी पसीने आ जाएं. केजरीवाल बोले, मैं विजेंद्र गुप्ता की तरफ से सदन को भरोसा दिलाता हूं कि शीला जी को दो महीने में जेल भिजवा देंगे. अगर ऐसा नहीं कर पाए तो वह अपनी मूंछे मुंडवा देंगे. विजेंद्र गुप्ता अपनी बात के पक्के हैं. वह अगर ऐसा नहीं कर पाए तो अपना भी इस्तीफ़ा दे देंगे और प्रधानमंत्री जी से भी इस्तीफे की मांग करते हुए धरने पर बैठ जाएंगे. गुप्ता के नेतृत्व में बीजेपी टैंकर घोटाले में शीला दीक्षित पर कार्रवाई की मांग के लिए दिल्ली सरकार पर हमलावर थी. सोमवार को सदन में केजरीवाल ने कहा कि जल आपूर्ति मंत्री कपिल मिश्रा ने घोटाले की फैक्ट फाइडिंग रिपोर्ट एसीबी और सीबीआई को सौंप दी है. केजरीवाल ने चुटकी लेते हुए कहा विजेंद्र गुप्ता ने जान की बाज़ी लगाते हुए बेंच पर चढ़कर इस मामले को उठाया था. इससे सरकार डर गयी थी. मैं सारा क्रेडिट उन्हें ही देना चाहता हूं. सभी अख़बार वाले भी उन्हीं का नाम छापें. अब वह दो महीने के अंदर शीला जी को जेल भेज देंगे.

डीडीसीए में गड़बड़ियों की जांच के लिए कमेटी गठित

केजरीवाल की स्पीच के अलावा विधानसभा अध्यक्ष ने डीडीसीए में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए 9 सदस्यों की समिति बना दी है। ये समिति 1992 से 2016 तक डीडीसीए के कामकाज की जांच करेगी. कमेटी डीडीसीए में कथित गड़बड़ियों की जांच करेगी. साथ ही डीडीसीए से जुड़े लोगो को समन कर सकेगी. इसी मामले की जांच के लिए दिल्ली सरकार पहले ही कमीशन ऑफ़ इन्क्वायरी बना चुकी है, जिसके मुखिया गोपाल सुब्रमण्यम हैं. इसमें अरुण जेटली का डीडीसीए के अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल भी शामिल है.

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