दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal Bail) को अंतरिम जमानत मिल गई है. CM केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपनी गिरफ्तारी को भी चुनौती दी थी. इस मामले को कोर्ट ने बड़ी बेंच के पास भेजा है. हालांकि, इसके बावजूद CM केजरीवाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे. क्योंकि उन्हें ED मामले में जमानत मिली है. अब भी वो CBI की हिरासत में हैं.
अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत तो मिली लेकिन रिहाई नहीं
Supreme Court ने Arvind Kejriwal को अंतरिम जमानत दे दी है. मामला दिल्ली के कथित शराब घोटाला केस में ED द्वारा उन्हें गिरफ्तार किये जाने से जुड़ा है.


सुप्रीम कोर्ट ने कथित शराब घोटाला मामले में अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि आजादी और जीवन के अधिकार पवित्र हैं. उन्होंने आगे कहा कि केवल पूछताछ के आधार पर गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है. जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा,
“अरविंद केजरीवाल 90 दिनों की कैद झेल चुके हैं. हमें पता है कि वो एक चुने हुए नेता है.”
जस्टिस संजीव खन्ना ने फैसला पढ़ते हुए कहा,
"हमने जमानत के सवाल की जांच नहीं की है, लेकिन हमने PMLA की धारा 19 (गिरफ्तारी की शक्ति) के मापदंडों की जांच की है. हमने PMLA की धारा 19 और धारा 45 के बीच अंतर को स्पष्ट किया है."
कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि धारा 19 ED के अधिकारियों की राय पर आधारित है. जबकि धारा 45 का प्रयोग कोर्ट के द्वारा किया जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठे कुछ कानूनी सवालों को विचार के लिए बड़ी बेंच को भेजा गया है.
'Arvind Kejriwal को हिरासत में रखने की जरूरत नहीं'“तो गिरफ्तारी की पॉलिसी क्या है? इसका आधार क्या है? हमने 3 सवाल तैयार किए हैं.”
कोर्ट ने PMLA के तहत गिरफ्तारी की “आवश्यकता और अनिवार्यता” से जुड़े सवालों को बड़ी बेंच के पास भेजा है. साथ ही उन्होंने बड़ी बेंच से PMLA के तहत गिरफ्तारी के लिए मापदंड तय करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल को हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये सवाल अब बड़ी बेंच के पास है.
अरविंद केजरीवाल के CM पद पर बने रहने पर क्या कहा?जस्टिस खन्ना ने कहा कि कोर्ट किसी चुने हुए नेता को पद छोड़ने और मुख्यमंत्री के रूप में काम न करने का निर्देश नहीं दे सकता. कोर्ट के बारे में फैसला अरविंद केजरीवाल पर छोड़ दिया.
कथित शराब घोटाल (Delhi Liquor Scam) मामला क्या है?22 मार्च 2021 को दिल्ली में नई शराब नीति का एलान किया गया. तब दिल्ली के उप मुख्यमंत्री थे- मनीष सिसोदिया. उन्होंने इस नीति का एलान किया और 17 नवंबर 2021 को इसे लागू कर दिया गया. सिसोदिया फिलहाल इसी मामले मेें जेल में हैं.
इस नई शराब नीति से शराब बिजनेस से सरकार की पकड़ खत्म हो गई. और पूरा कारोबार निजी हाथों में चला गया. दिल्ली सरकार का कहना था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू (कमाई) बढ़ेगा. लेकिन इस नई व्यवस्था पर बहस शुरू हो गई. इसके कारण 28 जुलाई 2022 को इसे खत्म कर दिया गया.
अरविंद केजरीवाल पर पैसों की हेराफेरी का आरोपनई व्यवस्था खत्म तो कर दी गई लेकिन AAP पर कई आरोप लगे. इसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने इस मामले में जांच के आदेश दिए. ED ने दावा किया कि इस मामले में पैसों की हेराफेरी की गई है. दावा ये भी किया गया कि इसकी जानकारी अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को भी थी.
10 समन के बाद गिरफ्तार हुए Arvind KejriwalED ने CM केजरीवाल को पूछताछ के लिए समन भेजा. मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे. एक के बाद एक करके ED ने 9 समन भेजे. लेकिन केजरीवाल ED के समक्ष पेश नहीं हुए. 21 मार्च 2024 को उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की. उन्होंने कहा कि वो ED के सामने पेश होंगे तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाए. हालांकि, कोर्ट ने उनकी बात नहीं मानी. इसके बाद ED उनके घर पहुंची. उन्हें 10वां समन थमाया. पूछताछ की और गिरफ्तार किर लिया.
वीडियो: ED ने कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, क्या-क्या बताया?






















