स्पष्टीकरण. बडगाम के चाडूरा इलाके के काजीपोरा से छुट्टी पर गए सेना के जवान के अगवा होने की मीडिया रिपोर्ट गलत है. जवान पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
इससे पहले भी कई जवान अगवा हो चुके हैं
लोगों का परेशान होना लाज़िमी था, क्योंकि ये पहला मौका नहीं है जब किसी जवान के अगवा होने की खबरें आई हो. जम्मू कश्मीर में इससे पहले भी कई जवान अगवा किए जा चुके हैं. लेफ्टिनेंट उमर फैयाज याद होंगे आपको. साल 2017 में आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर लिया था. उनका अपहरण उस वक्त हुआ था जब वो ड्यूटी से छुट्टी पर थे और निहत्थे थे. उमर फैयाज अपने रिश्तेदार के घर एक शादी समारोह में गए हुए थे. अपहरण करने के बाद आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी. अगली सबुह उनकी डेड बॉडी मिली थी. उनकी उम्र सिर्फ 23 साल थी.

लेफ्टिनेंट उमर फैयाज़ (बाएं) और सिपाही औरंगजेब (दाएं)
उसके बाद 25 साल के जवान औरंगजेब के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. जब पिछले साल यानी साल 2018 में वो छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे. फिर पुलवामा से आतंकवादियों ने औरंगजेब को अगवा किया था. उनको टॉर्चर भी किया गया था, आतंकियों ने औरंगजेब को टॉर्चर करने के कई वीडियोज़ रिलीज़ किए थे. उसके बाद सिपाही औरंगजेब की हत्या कर दी गई थी.























