The Lallantop

अमृतपाल के 'सरेंडर' की असली कहानी, 36 दिन तक फरार रहने के दौरान ये सब हुआ

ये तीन लोग अमृतपाल के 'सरेंडर' के लिए जिम्मेदार रहे.

Advertisement
post-main-image
अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया गया. (फोटो- आजतक)

अमृतपाल सिंह के सरेंडर के पीछे कई थ्योरी सामने आ रही हैं. उसके पक्के साथी पप्पलप्रीत का अरेस्ट हो जाना फिर उसके परिवार के लोगों पर पुलिस कार्रवाई (Amritpal Surrender Story). 36 दिन की फरारी के दौरान उसके समर्थक भी उससे दूर होते गए. खबर ये भी है कि उसे खालिस्तानी संगठनों के विरोधी और गैंगस्टरों से जान का खतरा था. वो अकेला पड़ गया था. परिवार की चिंता थी. साथ वालों से सरेंडर करने की सलाह भी मिल रही थी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

आजतक से जुड़े मनजीत सहगल की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन लोग अमृतपाल के सरेंडर के लिए मुख्य तौर पर जिम्मेदार हैं. दोस्त पप्पलप्रीत सिंह, पत्नी  किरणदीप कौर और जसवीर सिंह रोडे.

दूर होते गए समर्थक

पप्पलप्रीत सिंह अमृतपाल का बेहद खास आदमी माना जाता है. पप्पलप्रीत को उसका ‘मेन कंट्रोलर’ भी कहते हैं. उसने कई दिनों तक अमृतपाल की छिपे रहने में मदद की थी. 28 मार्च की रात को दोनों अलग हो गए. रिपोर्ट के मुताबकि, अमृतपाल ने 29 और 30 मार्च के बीच दो वीडियो और एक ऑडियो मेसेज सोशल मीडिया पर साझा करवाने चाहे लेकिन नहीं कर पाया. 10 अप्रैल को पुलिस ने पप्पलप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया. अब अमृतपाल अकेला पड़ चुका था. धीरे-धीरे उसके समर्थक भी दूर होते गए.

Advertisement

20 अप्रैल को अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर लंदन के लिए रवाना होने वाली थी. एयरपोर्ट पर रोककर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने किरणदीप से लगभग 3 घंटे तक पूछताछ की. पुलिस ने उसके परिवार के लोगों को भी सर्विलांस पर लिया. माना जा रहा है कि अमृतपाल को डर था कि पुलिस उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर सकती है और पूछताछ के नाम पर परिवार के बाकी सदस्यों को भी परेशान होना पड़ सकता है.

अकाल तख्त और SGPC (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) भले ही अमृतपाल के परिवारों को लेकर चिंतित दिखे लेकिन उन्होंने अमृतपाल का खुलकर समर्थन नहीं किया. खबर है कि अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अमृपाल को पुलिस के सामने सरेंडर करने की सलाह दी थी.

पुलिस को मिली सरेंडर की जानकारी

इस बीच अमृतपाल ने कथित तौर पर अकाल तख्त के पूर्व चीफ और भिंडरावाले के भतीजे जसवीर सिंह रोडे से संपर्क किया और बताया कि वो सरेंडर करना चाहता है. प्लान बना कि अमृतपाल अपने समर्थकों के बीच 23 अप्रैल की दोपहर को मोगा गुरुद्वारे में सरेंडर करेगा. सूत्रों के मुताबकि, जसवीर सिंह रोडे ने इस बात की सूचना पुलिस को दे दी. इसके बाद पुलिस के कहने पर जसवीर सिंह रोडे ने कथित तौर पर अमृतपाल को 22 अप्रैल की रात को ही रोडे गांव पहुंचने की सलाह दी ताकि वो समर्थकों को इकट्ठा ना कर सके.

Advertisement

हालांकि मीडिया के साथ बातचीत में जसवीर सिंह रोडे ने अमृतपाल से कोई बातचीत नहीं होने का दावा किया है. रोडे ने मीडिया को बताया कि अमृतपाल ने खुद पुलिस को सरेंडर की जानकारी दी. रोडे ने बताया कि अमृतपाल ने अपनी किट तैयार की, चोला बदला, पैरों में चप्पल पहनी और रोडे गांव के संत खालसा गुरुद्वारा गया.

पुलिस ने 23 अप्रैल को सुबह 7 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया. गुरुद्वारे से बाहर आने से पहले अमृतपाल सिंह ने कहा कि वो दुनिया की अदालत में दोषी हो सकता है लेकिन ऊपर वाले की अदालत में नहीं.

वीडियो: अमृतपाल सिंह को बचाने वाला ये बड़ा नाम खुल गया, पकड़े जाने पर कर दिए बड़े खुलासे

Advertisement