इसके बाद जो हुआ है वो और ज्यादा आश्चर्य पैदा करने वाला है. टर्की के 5 टॉप कमांडर 'आत्महत्या' कर चुके हैं. लेफ्टिनेंट कर्नल लेवेंत ओंडेर के सुसाइड के बाद सरकार ने कहा: 15 जुलाई के बाद से ही ओंडेर डिप्रेशन में थे. फिर एक कर्नल इस्माइल जेल में ही फांसी से लटककर मर गए.
अभी एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट आई है. इसके मुताबिक टर्की में लगभग दस हज़ार सैनिकों को बंदी बनाकर रखा गया है. कई दिनों से उन्हें भूखा और प्यासा रखा गया है. इसके अलावा इनमें से बहुत के साथ कथित तौर पर रेप भी हुआ है. इन सबको घो़ड़ों के अस्तबल और स्पोर्ट्स हॉल में रखा जा रहा है. इन जगहों पर पत्रकारों के पहुंचने की मनाही है.

पब्लिक एक सैनिक को पीटते हुए- news.com
एमनेस्टी इंटरनेशनल के यूरोप डायरेक्टर जॉन डल्हुसिएन कहते हैं कि ये फोटो तो कुछ नहीं हैं. अभी हमारे पास इस टार्चर के बहुत एविडेंस है. टर्की की सरकार को ये सब बंद करना चाहिए. साथ ही हम लोगों को वहां विजिट कराना होगा. ताकि इस टार्चर का अनुमान लगाया जा सके. दुनिया के सारे कानूनों को धता बताकर ये काम किए जा रहे हैं टर्की में. सैनिकों के परिवारों को भी उनसे नहीं मिलने दिया जा रहा.

सैनिकों के परिवार-news.com
ये एक बहुत ही अजीब स्थिति है. क्रूर और भयावह. टर्की की भौगोलिक स्थिति उतनी ही दिलचस्प है जितनी कि उस एरिया की राजनीति. इसमें ये नहीं पता चल पा रहा कि कौन सही है और कौन गलत. जो सही होने का दंभ भरते हैं वो भी उतने ही क्रूर हैं.






















