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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 'विशेष' होली समारोह को लेकर क्या बवाल मचा हुआ है?

अखिल भारतीय करणी सेना के अध्यक्ष यनेंद्र सिंह चौहान ने हिंदू छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है. वहीं AMU के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली खान ने यूनिवर्सिटी की नीतियों का हवाला देते हुए छात्रों की मांग को अस्वीकार कर दिया.

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में होली मिलन समारोह आयोजित करने की मांग को लेकर करणी सेना ने किया प्रदर्शन. (तस्वीर:आजतक/ANI)

यूपी की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में होली कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर घमासान मचा हुआ है. अखिल भारतीय करणी सेना का दावा है कि यूनिवर्सिटी ने छात्रों के 'विशेष' होली कार्यक्रम आयोजित करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है. इसको लेकर करणी सेना ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया. वहीं, AMU प्रशासन का कहना है कि कैंपस में कोई भी नई परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी. जैसा पिछले सालों में चला आ रहा है, वैसा ही चलेगा.

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हिंदू छात्रों से ‘अलग व्यवहार’ का दावा

अखिल भारतीय करणी सेना के अध्यक्ष यनेंद्र सिंह चौहान ने हिंदू छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, "AMU के कुछ छात्रों ने प्रशासन से 'होली मिलन' समारोह मनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने इससे इनकार कर दिया है. आज हमने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए डीएम को एक ज्ञापन दिया है, जिसमें कहा गया है कि AMU में हिंदू छात्रों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है."

यनेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि यदि हमें 'विशेष' होली कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई तो 10 मार्च को हम AMU में प्रवेश करेंगे और छात्रों के साथ होली मनाएंगे.

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दरअसल, AMU के छात्रों ने 25 फरवरी को वाइस चांसलर के नाम एक प्रार्थना पत्र दिया था. मीडिया रपटों के मुताबिक, इसमें 9 मार्च को यूनिवर्सिटी के NRCC क्लब में होली मिलन समारोह मनाने की अनुमति मांगी थी.

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'यूनिवर्सिटी प्रशासन परंपरा का पालन करेगा'

वहीं AMU के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली खान ने यूनिवर्सिटी की नीतियों का हवाला देते हुए छात्रों की मांग को अस्वीकार कर दिया. उन्होंने कहा,

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“पांच छात्रों ने 26 फरवरी को कुलपति को संबोधित करते हुए एक हस्ताक्षरित पत्र सौंपा था. इसमें 9 मार्च को होली समारोह के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक विशेष जगह का अनुरोध किया था.”

प्रॉक्टर वसीम ने कहा,

“विश्वविद्यालय ने फैसला किया है कि चूंकि पहले कभी ऐसी कोई विशेष अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए अभी भी इसका पालन किया जाएगा. यूनिवर्सिटी में छात्र होली का त्योहार अपने-अपने विभागों और छात्रावासों में मनाते आए हैं. विश्वविद्यालय किसी भी विशेष समारोह के लिए अनुमति देने के पक्ष में नहीं है.”

आजतक के समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, AMU के वाइस चांसलर ने इस मामले को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी. इसमें कई डीन और प्रोफेसर मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक, अनुमति नहीं मिलने पर पूर्व मेयर और BJP नेता शकुंतला भारती ने विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान है, पाकिस्तान नहीं है. यह किसी की व्यक्तिगत जागीर नहीं है. यूनिवर्सिटी सबकी है.

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