आलम और जालिम की कातिल जुगलबंदी गाती है मस्त गाने
गरीबी में हमारा बचपन गुज़र जाता है और जट्टों के खेतों में हमारी जवानी. ये इन लड़कों के अंदाज में सुनो
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Source: Facebook
इस वीडियो के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन घूमते घूमते आ पहुंचा हमारे पास. देखा तो बढ़िया लगा. कुछ छान बीन की तो पता चला दो लड़के हैं. फोक म्यूजिक गाते हैं अपनी धुन में. पंजाबी मुंडे हैं. नाम हैं आलम और जालिम. फेसबुक पर टहलते हुए आया है. आप भी देखो आलम और जालिम की कातिल जुगलबंदी को. वो बता रहे हैं - गरीबी में हमारा बचपन गुज़र जाता है और जट्टों के खेतों में हमारी जवानी। सोचते हैं दिन में और रात भी जाग कर निकाल दी..कि गरीबों की कहाँ कोई लोहड़ी या दिवाली होती है.. रात को भूखे सो जाते है और सुबह का इंतज़ार करते हैं.. एक बार खा लेते हैं तो दूसरी बारी का पता नहीं होता.. हमारी तो खुशियाँ भी औरों ने छीन ली.. हमारी कहाँ कोई लोहड़ी या दिवाली... https://www.youtube.com/watch?v=yWP-4gfHH-8
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