आप कहेंगे ये ट्वीट तो विस्तारा के ऑफिशियल हैंडल से किया हुआ नहीं दिख रहा. तो आपको बताते चलें कि उनके हैंडल से तो ट्वीट कबका डिलीट हो गया. और इस चराचर ट्विटर में अगर कुछ बचा रह जाता है तो वो हैं चिरायु स्क्रीनशॉट्स.असल में ये है वो ट्वीट (या उसका स्क्रीनशॉट) जिसने सारा बवाल खड़ा किया. ट्वीट में ज़्यादा कुछ नहीं है. एयर विस्तारा ने कारगिल वॉर हीरो रिटायर्ड मेजर जनरल जी.डी.बख्शी को अपनी सर्विस देकर सम्मानित महसूस किया है. कम से कम एयरलाइन का तो यही कहना है.
जिस तरह जहां अच्छाई होती है वहां बुराई, जहां हीरो होते वहां विलेन और जहां जूते होते हैं वहां मोज़े ठीक उसी तरह जहां गिफ्ट होते हैं वहां रिटर्न गिफ्ट और जहां तारीफें होती हैं वहां थैंक्स.खैर आप इन अजीबोग़रीब मेटाफर्स पर गौर न करें, हमारा कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि लगे हाथ रिटायर्ड मेजर जनरल जी.डी.बख्शी का 'थैंक्स' वाला फ़ेसबुक पोस्ट भी आ गया - हालांकि अकाउंट वैरीफाईड नहीं है लेकिन बख्शी के प्रोग्राम्स के तस्वीरमय पोस्ट यहां लगभग रोज़ दिखाई देते हैं.
और वैसे भी राष्ट्रभक्त बख्शी को कोई फेसबुक कोई ट्विटर वेरीफाई करने की ज़ुर्रत, हिमाकत, डेयरिंग कर भी कैसे कर सकता है.तो दोस्तो इस पोस्ट में पायलट और केबिन क्रू के पर्याप्त सम्मानजनक व्यवहार पर शुक्रिया कहा गया है. चलिए अब आगे बढ़ते हैं. यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन फिर दिक्क़तें होना शुरू हो गईं.
चार्ली चैप्लिन ने कहीं कहा था कि टाइमिंग और ट्रेजेडी मिल जाएं तो कॉमेडी का उद्भव होता है, यूं ये दिक्कत होगी कंसर्निंग पार्टीज़ के लिए, हमारे लिए तो फुल ऑन मनोरंजन ठहरा.तो इस बेफ़िज़ूल के ज्ञान के बाद प्लॉट में आगे बढ़ें तो हुआ ये कि जैसे ही एयर विस्तारा ने बख्शी की तस्वीर ट्वीट की, वैसे ही यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर बख्शी के पुराने बयान और बिगड़े बोल की रूलदार कॉपी खोल दी. बख्शी के खुले दिल से दिए बयानों ने यूज़र्स को काफ़ी मसाला ऑलरेडी दे ही रखा है. तो बिना कोई ज़्यादा एफर्ट्स के यूज़र्स एयरलाइन की लानत-मलानत करते हुए पाए जाने लगे.
लेकिन ये उसकी सबसे बड़ी गलती थी. क्यूंकि जर्नल जीडी बख्शी देश के सम्मानित नागरिक है. देश के भूतपूर्व सैनिक हैं. भारत की तरफ से लड़ाइयां लड़ी हैं. बेशक उनका अपना एक स्टैंड है, लेकिन उस स्टैंड के चलते जो उनके साथ हुआ वो कतई सही नहीं था. विस्तारा का ये कहना कि पोस्ट में आए कमेंट सभी पार्टी के लिए 'डिसरिस्पेक्टफुल' यानी अपमानजनक थे, पचता नहीं. बेशक यहां पर पार्टी का मतलब राजनितिक पार्टी नहीं है, लेकिन तब तो स्पैक्ट्रम और बड़ा हो जाता है.undefined बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम को राइट-विंगर्स और लिबरल्स के बीच का सोशल मीडियाई ट्वेंटी-ट्वेंटी मैच समझिए. जिसे मनोरंजन चाहिए वो कहीं भी तलाश ले रहा है. किसने कहां कैसे कब फ्लाईट ली और केबिन क्रू ने आकर क्यों तस्वीर खिंचवाई? इन सबसे बड़ा सवाल है कि, क्या किसी के ‘राष्ट्रभक्त’ टैग से मुनाफ़ा चमकाया जाना चाहिए? सब कर रहे हैं, एयर विस्तारा ने भी कोशिश की. महंगी पड़ी. अब दोनों तरफ़ से ट्रोल-ट्रोल खेला जाने लगा.सबने अपने-अपने तरीक़े से मौज ली, लेकिन अंत में बाज़ार सब पर भारी पड़ा. बोलो जै-जै मनी!
वीडियो देखें:
मक्का बेचने आए किसान ने कहा, 'किसान का एक किलो भी मक्का सरकार नहीं खरीदती, सब व्यापारी खरीदते हैं' -











