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सुनसान रास्ते में हूं अकेली... देर रात आया फोन, जब सिपाही मौके पर पहुंचे तो पता है क्या हुआ?

पुलिस के कंट्रोल रूम पर एक लड़की का देर रात फ़ोन आया. लड़की ने बताया कि वो सुनसान रास्ते पर अकेली खड़ी है, उसने मदद की गुहार लगाई. पुलिस ने तुरंत लड़की को सांत्वना दी और लड़की के पास पहुंची. लेकिन फिर मामला कुछ और ही निकला.

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जिस लड़की ने कॉल किया, वो कौन निकली?
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अरविंद शर्मा

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में वैसे तो सिपाही बनने के लिए भर्ती प्रक्रिया 'मशहूर' है. लेकिन पुलिस में भर्ती होने के बाद भी अधिकारियों के टेस्ट का मामला सामने आया है. बीते दिनों आगरा पुलिस के कंट्रोल रूम में मदद की गुहार लगाती एक लड़की का कॉल आया. लड़की ने पुलिस को बताया कि वो सुनसान रास्ते में है और अकेले आगरा रेलवे स्टेशन की तरफ़ जा रही है. पुलिस कंट्रोल रूम की तरफ़ से लड़की को कहा गया कि वो 10 मिनट वहीं रुके, पुलिस वहां जल्द से जल्द पहुंच रही है. आनन-फानन में पुलिस की एक टीम मौक़े पर पहुंची. लेकिन जब टीम ने लड़की को देखा, तो पुलिस अधिकारी चौंक गए.

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चौंके क्यों? क्योंकि कॉल करने वाली लड़की को वो जानते थे, अच्छे से पहचानते थे. ये कोई और नहीं, बल्कि आगरा पुलिस कमिश्नरेट में तैनात सहायक पुलिस कमिश्नर (ACP) सुकन्या शर्मा थीं. ये पुलिस वालों के समझ के बाहर था कि आख़िर उनके साथ ऐसा हुआ क्यों? बाद में उन्हें बताया गया कि ये एक टेस्ट रिपोर्ट थी. घटना 27 सितंबर की देर रात 11.30 बजे की है. आगरा पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया हैंडल X से ख़ुद इसके बारे में जानकारी दी गई है.

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बताया गया कि ACP सुकन्या शर्मा ने पुलिस का हेल्प रिस्पॉन्स टेस्ट लिया था. आगरा पुलिस ने जितने समय में पहुंचने की बात कही, उतने समय में पहुंच भी गई. ऐसे में पुलिस को टेस्ट में पास बताया गया. आजतक की ख़बर के मुताबिक़, टेस्ट रिपोर्ट में सब कुछ सही मिला. दरअसल, ये टेस्ट ख़ास कारणों से किया गया था. आगरा में वूमन सेफ़ ज़ोन बनाए गए हैं. इसके लिए पुलिस कमिश्नर रविंदर गौड़ ने गाइडलाइन भी जारी की है.

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इस गाइडलाइन के मुताबिक़, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक अगर किसी महिला को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अपने घर जाना हो और उसे वाहन नहीं मिल रहा, तो वो पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 पर कॉल करके मदद मांग सकती है. ऐसे में पुलिस महिला के पास पहुंचेगी और उसे जहां जाना होगा, वहां पहुंचाएगी. हालांकि, उसका किराया उस संबंधित महिला को ही चुकाना है. महिलाओं या युवतियों की इस तरह से मदद की जा सके, इसके लिए 100 ऑटो सेलेक्ट किए गए हैं.

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इन ऑटो के ड्राइवर्स वर्दी, दुरुस्त नेम प्लेट और अन्य सुविधाओं के साथ उपलब्ध रहेंगे. इन ड्राइवर्स के नाम, पते और मोबाइल नंबर पुलिस के पास रजिस्टर्ड हैं. अगर किसी महिला या युवती के साथ कोई घटना हो जाती है, तो भी ये ऑटो ड्रावर्स मदद के लिए पहुंचेंगे. शहर के तीन निर्धारित वूमन सेफ़ ज़ोन में कमला नगर, सदर बाज़ार और न्यू आगरा शामिल हैं. ये पूरी तरह से CCTV की निगरानी में हैं.

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