पद्मावत. पास्ट टेन्स में पद्मावती. इस फ़िल्म के और भी चरण हो सकते हैं - पद्माव, पद्मा, पद्, प, ज़ीरो. ज़ीरो शाहरुख़ खान की है. खैर, फ़िल्म रिलीज़ हो रही है. 26 जनवरी को. उस दिन दो फ़िल्में रिलीज़ हो रही हैं - पद्मावत और पैडमैन. गणित पढ़ने वाले इसे खूब समझेंगे - 26th January = PADMA(N + VAT). जो भी कह रहा है कि पद्मावत 300 कट के साथ रिलीज़ हुई है, झूठ बोल रहा है. स्वयं CBFC के चेयरमैन प्रसून जोशी ने कहा है कि 300 कट नहीं लगाये गए हैं. कट्स लगाये हैं लेकिन कितने हैं अभी कुछ भी पक्के से नहीं कहा जा सकता है. जैसे ही ये मालूम पड़ा कि 26 जनवरी को फ़िल्म पूरे देश में रिलीज़ होगी, अगली खबर ये मिली कि राजस्थान में ये फ़िल्म नहीं देखी जा सकेगी. ऐसा नहीं है कि डुगी बना ने अपना राजपूताना बना लिया है. राजस्थान अभी भी भारत का ही हिस्सा है. लेकिन क्या है कि वहां पिक्चर नहीं दिखाई जाएगी. क्या है कि भारत एक आहत प्रधान देश है. और क्या है कि वहां चुनाव भी होने वाले हैं. मतलब, समझ रहे हैं न आप... क्या है कि वोट मिलना होता है न... मतलब समझ रहे हैं न आप? क्या है कि बाकी जगह दिखाई जाएगी फ़िल्म लेकिन राजस्थान में नहीं दिखाई जाएगी. फिर क्या है कि गोआ से भी खबर आ गई. मालूम पड़ा कि वहां भी ये फ़िल्म नहीं दिखाई जाएगी. लेकिन फिर मालूम चला कि ये खबर सही नहीं है. असल में वहां फ़िल्म दिखाई जाएगी. मनोहर पार्रिकर ने कहा कि वो फ़िल्म को गोआ में रिलीज़ होने देंगे. मानो कोई अहसान कर रहे हों. एक बार जब सीबीएफ़सी ने क्लियर कर दी तो काहे बात का क्रेडिट खा रहे हैं ये कहके कि फ़िल्म को अपने प्रदेश में रिलीज़ होने देंगे. नया प्रदेश जो आया है, जिसमें पद्मावत नहीं दिखाई जाएगी, वो है हिमाचल प्रदेश. नई नई बनी सरकार ने कहा है कि वो इस फ़िल्म को अपने प्रदेश में नहीं दिखायेंगे. हिमाचल प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर ने कहा, "मैं ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, हम देखेंगे क्या करना है. फ़िल्म काफ़ी विवादित है. मैं कला की इज्ज़त करता हूं लेकिन जब लोगों की भावना की बात आती है तो चीज़ों को समझना चाहिए." हिमाचल प्रेदश और राजस्थान. इन दोनों ही प्रदेशों में भाजपा की सरकार है. केंद्र में भी भाजपा की सरकार है. फ्रिंज एलिमेंट्स के पुट्ठों पर डंडा बजाने के लिए जितनी ताकत चाहिए होती है, उससे ज़्यादा दोनों सरकारों के हाथ में है. लेकिन फिर भी उन्हें फ़िल्म बैन करनी पड़ी. ये बताता है कि कितनी मजबूर होगी वो कुर्सी किसपर राज्य का मुखिया बैठा रहता है. इस लिस्ट में अभी तक चार राज्यों के नाम आ चुके हैं. उम्मीद करते हैं आगे और भी जुड़ेंगे. हमने जगह छोड़ दी है, अपडेट करते रहेंगे.
#1. राजस्थान
#2.हिमाचल प्रदेश
#3. मध्य प्रदेश
#4. गुजरात
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. रविवार को जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस फिल्म को उत्तर प्रदेश में बैन करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वो कोई ज्योतिष नहीं हैं जो भविष्य में क्या होगा ये बता सकें. अब खबर ये है कि 'पद्मावत' के मेकर्स ने फिल्म के चार राज्यों में बैन किए जाने के फैसले को चुनौती देने के लिए खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं. 18 जनवरी को इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी.
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