
अफगानिस्तान को याद रखना होगा कि टेस्ट मैच 5 दिन का खेल है.
अपने डेब्यू टेस्ट मैच में किसी भी टीम का पहली पारी में ये दूसरा सबसे कम स्कोर है. पहले नंबर पर साउथ अफ्रीका आती है. अफ्रीकी टीम ने जब साल 1889 में अपना पहला टेस्ट इंग्लैंड खिलाफ खेला था तो वो 84 पर ऑल आउट हो गई थी. इसके बाद अब 109 रनों वाली अफगानिस्तान की टीम है. इस लिहाज से अफगानिस्तान जरूर राहत महससू कर रही होगी. न्यूजीलैंड ने 112, आयरलैंड ने 130, पाकिस्तान ने 150, वेस्टइंडीज ने 177, इंडिया ने 189, इंग्लैंड ने 196, श्रीलंका ने 218, ऑस्ट्रेलिया ने 245, बांग्लादेश ने 400 और जिम्बाव्बे ने 456 रन बनाए थे.

आर अश्विन ने चार विकेट लिए हैं.
टीम का कोई भी खिलाड़ी 24 रनों के स्कोर से आगे नहीं बढ़ पाया. ये भी मोहम्मद नबी के बल्ले से निकले थे. टीम के ओपनर मोहम्मद शहज़ाद जो लंबे शॉट मारने के लिए जाने जाते हैं, 14 रन बनाकर ही रन आउट हो गए. इंडिया की तरफ से रविचंद्रन अश्विन ने 8 ओवर फेंके और 4 विकेट झटक लिए. इसमें एक मेडन ओवर भी था. इसी के साथ अश्विन इंडिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे बॉलर बन गए हैं. अश्विन ने 312 विकेट पूरे किए हैं और इनसे आगे हरभजन सिंह (417), कपिल देव (434) और अनिल कुंबले (619) हैं.
वहीं इस मैच में इशांत शर्मा ने 5 ओवरों में 2 विकेट, रविंद्र जडेजा ने 3.5 ओवरों में 18 रन देकर 2 अफगान बल्लेबाजों को वापस पवेलियन लौटाया. मगर इन सबके बीच एक विकेट लेने वाले उमेश यादव के लिए यादगार मौका तब आया जब उनके 100 विकेट पूरे हुए. ये उमेश यादव का 37वां टेस्ट है.
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