The Lallantop

औरत ने कहा - "गैंगरेप से गर्भपात हुआ", सास भ्रूण लेकर थाने पहुंची, पुलिस ने कहा - "गर्भवती थी ही नहीं"

फिर कैसा भ्रूण था? रेप हुआ था या नहीं? क्या मामला खेत-खलिहान के विवाद से जुड़ा हुआ था?

Advertisement
post-main-image
पीड़िता की सास और बरेली के एसपी (देहात) (फोटो: आजतक)

उत्तर प्रदेश में बरेली के कथित गैंगरेप की गुत्थी और उलझ गई है. बुधवार, 21 सितंबर को खबर आई थी कि गैंगरेप के बाद एक महिला का गर्भपात हो गया. सनसनी उस वीडियो के सामने आने के बाद फैली जिसमें पीड़िता की सास प्लास्टिक के एक जार को लेकर एसएसपी के दफ्तर जाती हुई नजर आ रही हैं. आजतक के कृष्ण गोपाल राज की रिपोर्ट के मुताबिक महिला का कहना था कि उनकी गर्भवती बहू के साथ गैंगरेप हुआ और जार में उसी का मरा हुआ भ्रूण है. लेकिन बरेली पुलिस अब कह रही है कि न तो महिला गर्भवती थी और न ही उसके साथ बलात्कार हुआ. पुलिस अफसरों का कहना है कि ये मामला आपसी झगड़े का लगता है.

Advertisement

तो सच कौन बोल रहा है? अगर महिला गर्भवती थी तो जांच में ये बात साबित क्यों नहीं हुई? अगर उसका बलात्कार नहीं हुआ तो फिर पूरा मामला है क्या? ये सभी सवाल अभी अनुत्तरित ही हैं.

परिवार बोला- गर्भवती का गैंगरेप हुआ और गर्भपात हो गया

आजतक के कृष्ण गोपाल राज की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित महिला की सास ने बताया कि उनकी बहू किसी काम से खेत में गई थी. उसी दौरान वहां घात लगाए बैठे गांव के ही दबंगों ने उसके साथ गैंगरेप किया. काफी देर तक जब बहू घर नहीं पहुंची, तो परिवार वाले उसे खोजने खेत गए, जहां वो गंभीर हालत में मिली. 

Advertisement

महिला को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया. घरवालों के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया कि रेप के दौरान महिला के गर्भ में पल रहा बच्चा मर गया.

बरेली के एसपी (देहात) राज कुमार अग्रवाल ने द लल्लनटॉप को बताया, 

“ये मामला 13 सितंबर का था. 13 सितंबर को खेत में उड़द तोड़ने को लेकर दो पड़ोसियों के बीच विवाद हुआ. हल्की-फुल्की कहासुनी हुई थी. गांववालों और प्रधान ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था. इसके बाद 20 सितंबर को एक पक्ष के व्यक्ति ने थाने में केस दर्ज कराया कि उनकी गर्भवती पत्नी के साथ दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने गैंगरेप किया. इस कारण पत्नी का गर्भपात हो गया. इस सूचना पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा लिखा.”

Advertisement

बरेली पुलिस की ओर से किए ट्वीट में जानकारी दी गई थी कि इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई.

पुलिस कह रही मेडिकल जांच के मुताबिक महिला गर्भवती नहीं थी!

अब, इस मामले को लेकर बरेली पुलिस ने 21 सितंबर को ट्वीट कर जानकारी दी कि मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता गर्भवती नहीं थी और न ही उनका गर्भपात हुआ है. पुलिस को ये मामला मारपीट और वाद-विवाद का लग रहा है.

बरेली के एसपी (देहात) राज कुमार अग्रवाल ने बताया, 

“अब तक की जांच के आधार पर हम ये मानकर चल रहे हैं कि महिला गर्भवती नहीं थीं. हालांकि किसी ने ये भी बताया कि परिवार ने कोई मेडिकल प्राइवेट भी करा लिया है. अगर मेडिकल में गर्भपात वाली कोई बात आई होगी, तो फिर हम मेडिकल बोर्ड को भेजेंगे और उसके हिसाब से कार्रवाई करेंगे. अब तक की जांच से ये मामला गैंगरेप और गर्भपात का नहीं पाया गया है, केवल आपस में उड़द तोड़ने के विवाद का पाया गया है.”

अब भी सवाल अपनी जगह बरकरार है कि महिला की सास जो जार लेकर एसएसपी दफ्तर पहुंची थीं, उसमें आखिर था क्या? एसपी अग्रवाल ने भी कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. और अभी तक पुलिस के बयान से ये बात भी साफ नहीं हुई है कि महिला का रेप हुआ था या नहीं.

वीडियो- लखीमपुर में बहनों का गैंगरेप हुआ, फिर गला दबाकर मार डाला- पोस्टमॉर्टम में हुआ खुलासा!

Advertisement