थाईलैंड की राजकुमारी महाचक्री सिरिंधोर्न तीन दिन के लिए कंबोडिया गयीं जहां उनकी रिक्वेस्ट पर उनके लिए एक स्पेशल आउटहाउस बनवाया गया है. आउटहाउस में उनके लिए 27 लाख रुपयों का लक्ज़री टॉयलेट बनवाया गया. लेकिन राजकुमारी इतनी जल्दी में थी कि टॉयलेट यूज ही नहीं किया. सिर्फ फोटो खींच के वापस आ गईं. राजकुमारी असल में प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग करने कंबोडिया आयीं थीं. अपनी ट्रिप के पहले उन्होंने रिक्वेस्ट की थी कि वो एक आउटहाउस में रुकना चाहती हैं. तो राजकुमारी की ख्वाहिश पूरी करने के लिए साढ़े 27 लाख का आउटहाउस बनवाया गया. उन्होंने सोचा कि राजकुमारी आएंगीं तो संडास भी जाएंगी. लेकिन राजकुमारी पहले से ही हल्की हो कर आयीं थीं. तो टॉयलेट यूज नहीं हुआ. लेकिन टॉयलेट देखने जरूर गयीं. और देख के इतनी खुश हो गयीं कि उसकी फोटो खैंच के रख ली.

बाथरूम को बैंगकॉक की बड़ी कंपनी ने मजदूरों की एक बड़ी टीम बुला कर बनवाया था. कंस्ट्रक्शन में कुल 19 दिन लगे थे. लेकिन राजकुमारी के वापस जाते ही आउटहाउस बेकार हो गया. हालांकि अब टॉयलेट को वहां का टूरिस्ट ऑफिस बनवा दिया गया है.
'आम आदमी एक रॉयल टॉयलेट यूज नहीं कर सकता'
- टॉयलेट बनवाने वाली SCG कंपनी का एक मेनेजर 'टॉयलेट एक सुन्दर सजावट वाले घर की तरह दिखता है.'
- टिन लुओंग, एरिया का एक अफसर
टॉयलेट का यूज तक न होना कंबोडिया में सुर्खियों में रहा क्योंकि कंबोडिया के 40 पर सेंट लोगों के घरों में संडास नहीं है. और राजकुमारी के सिर्फ 2 घंटे के स्टे के लिए AC वाली झोपड़ी बनाई गई.