The Lallantop

छावला गैंगरेप केस में बरी हुआ, फिर ऑटो वाले की हत्या कर दी, अब SC ने ऐसा करने को कहा है

ऑटो वाले की गला काटकर हत्या कर दी.

Advertisement
post-main-image
छावला मर्डर केस अपडेट (फोटो-आजतक)

2012 छावला गैंगरेप (Chawwla Gangrape Case) केस के तीनों दोषियों को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बरी किया था. उनमें से एक पर जेल से निकलकर हत्या करने का आरोप है. इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की है. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि विनोद ने रिहाई के बाद एक निर्दोष ऑटो ड्राइवर का गला काटकर हत्या कर दी, जिससे पता चलता है कि वो आदतन शातिर अपराधी है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने CJI से कहा,

आरोपियों में से एक विनोद ने रिहाई के बाद एक ऑटो चालक की हत्या कर दी, जब उसने डकैती के प्रयास का विरोध किया. विनोद को गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पता चलता है कि वह एक आदतन अपराधी है. वो बरी होने लायक नहीं है. वो अपराधी प्रवृत्ति का शख्स है, जो समाज के लिए खतरा है और किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है.

Advertisement

इसपर इस पर CJI DY चंद्रचूण ने एक बेंच गठित करने की बात कही है. उन्होंने कहा,

मैं अपनी, जस्टिस एसआर भट और जस्टिस बेला त्रिवेदी की एक बेंच गठित करूंगा.

बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2022 को फांसी के फैसले को पलटते हुए तीनों दोषियों को बरी कर दिया था. तीनों दोषी हैं रवि कुमार, राहुल और विनोद.

Advertisement
नए मर्डर केस की क्या कहानी? 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोषियों के बरी होने के तीन महीने बाद द्वारका में हत्या की घटना सामने आई. 26 जनवरी को रात करीब डेढ़ बजे 40 साल के रिक्शा चलाने वाले अनार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने बताया कि अनार सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. 30 जनवरी को पुलिस ने आरोपी विनोद और पवन को गिरफ्तार किया. 

क्या है छावला गैंग रेप केस ?

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अनामिका नौकरी के लिए दिल्ली के छावला इलाके में आई थी. 9 फरवरी, 2012 की रात को अनामिका नौकरी से वापस घर लौट रही थी. तभी तीनों आरोपियों ने मिलकर उसे किडनैप किया और उसके साथ गैंगरेप किया. तीन दिन बाद अनामिका की लाश हरियाणा के खेत में मिली. लड़की के पूरे शरीर पर जगह-जगह दागे और काटे जाने के निशान थे. चेहरा पूरी तरह जला हुआ था. 

जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़िता को असहनीय  यातनाएं दी थी. लड़की को कार में इस्तेमाल होने वाले औजारों से पीटा गया था और उसके शरीर के कई हिस्सों को जलती सिगरेट से दागा गया था. इसके बाद उसकी आंखों और चेहरे को तेजाब डालकर जला दिया गया. 

दिल्ली की निचली अदालत ने रेप और हत्या के दोषी ठहराए जाने के बाद तीनों को मौत की सजा सुनाई थी. फिर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी. इसके बाद दोषियों की तरफ से सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. तब तत्कालीन चीफ जस्टिस यू यू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच ने तीनों दोषियों को बरी कर दिया. 

वीडियो: लखीमपुर में बहनों का गैंगरेप हुआ, फिर गला दबाकर मार डाला- पोस्टमॉर्टम में हुआ खुलासा!

Advertisement