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यूट्यूब वीडियो से चॉकलेट बनाना सीखा, अब करोड़ों का बिज़नेस करता है ये 19 साल का लड़का

अपनी चॉकलेट में दिग्विजय जामुन, केसर और बेर जैसे फलों और मसालों का इस्तेमाल करते हैं.

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चॉकलेट बेचकर करोड़पति बना 19 साल का लड़का (फोटो- GNT/Pexels)

कोरोना लॉकडाउन के दौरान उदयपुर (Udaipur) के रहने वाले दिग्विजय (Digvijay) घर पर नई-नई चीजें ट्राय कर रहे थे. इसी बीच एक दिन उन्होंने चॉकलेट (Chocolate) बनाने की सोची. तब दिग्विजय सिर्फ 16 साल के थे. शुरुआत में वो चॉकलेट बनाकर दोस्तों-रिश्तेदारों को भेजा करते थे. इसके बाद मामला हो गया सीरियस और एक स्टार्टअप ने आकार लिया. एक आइडिया के चलते आज दिग्विजय की चॉकलेट कंपनी - ‘साराम’ 1 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा चुकी है.

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GNT टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिग्विजय अब तक देश-भर के सैकड़ों लोगों को दो टन से ज्यादा चॉकलेट बेच चुके हैं. चॉकलेट, जो कि कुछ ग्राम भर की होती है, कोई दो टन बेच दे, तो बड़ी मात्रा हुई.

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दिग्विजय सिंह एक मिडिल क्लास फैमिली से आते हैं. पिता की ऑटोमोबाइल की दुकान है. लॉकडाउन के दौरान चॉकलेट बनाने का ख्याल आया, तो यूट्यूब की मदद ली. यार-दोस्तों को चॉकलेट्स बांटने के बाद कंपनी शुरू करने का आइडिया चचेरे भाई महावीर के साथ शेयर किया. 

गिफ्ट में बिज़नेस आइडिया मिला

दिग्विजय चॉकलेट तो बनाना सीख गए थे. लेकिन आइडिया को बिज़नेस आइडिया बनाने में अलग तरह की महारत लगती है. तो अब वो एक बिज़नेस मॉडल की तलाश में थे. उतने में दिवाली का त्योहार आ गया. दिग्विजय के पिता ने एक कार खरीदी और उन्हें गिफ्ट में एक चॉकलेट बॉक्स मिला. मालूम हुआ कि शोरूम के मालिक ने हर कार के साथ कस्टमर को चॉकलेट बॉक्स दिया है. यहीं से दिग्विजय को आइडिया आया और वो अपनी होममेड चॉकलेट बेचने के लिए होटल मालिकों और कार शोरूम्स से संपर्क करने लगे.

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2021 में दिग्विजय को एक कार शोरूम से 1,000 चॉकलेट का पहला ऑर्डर मिला. उसी साल उन्होंने अपना ब्रांड लॉन्च किया. ब्रांड ने अब तक 1 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है. ब्रांड के प्रॉडक्ट्स स्टोर्स और ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं.

जामुन, केसर और बेर की चॉकलेट 

अपनी चॉकलेट्स में दिग्विजय जामुन, केसर और बेर जैसे फलों और मसालों का इस्तेमाल करते हैं. इन स्वादिष्ट चॉकलेट्स को बनाने के लिए वो खास तौर पर केरल और तमिलनाडु से कोको मंगवाते हैं. चॉकलेट के लिए फल भी वो उन्हीं राज्यों से मंगवाते हैं, जहां वो मुख्य रूप से उगाए जाते हों. यही वजह है कि दिल्ली, बेंगलुरु, उदयपुर और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों में उनके कई सारे कस्टमर्स बन गए हैं. 

वीडियो: दुनियादारी: कहानी चॉकलेट का कच्चा माल और सोना देने वाले घाना की, जो अब कंगाल होता जा रहा है

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