कहते हैं जब जर्मनी में यहूदियों को गैस की भट्टियों में झोंका जा रहा था. हिटलर आल्प्स की पहाड़ियों पर बने महल में अपने कुत्तों के साथ छुट्टियां मना रहा था. जब तय हो गया कि द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी हारेगा, हिटलर ने एक फरमान जारी किया- सब कुछ जला दो. ताकि दुश्मन सेनाएं किसी चीज का इस्तेमाल न कर सकें. हिटलर के इस फरमान को नाम दिया गया - नीरो डिक्री. नीरो-इस नाम को सुनते की एक छवि दिमाग में उभरती है. जलता हुआ रोम. चीख पुकार मचाते लोग. और दूर अपने महल की छत से बांसुरी बजाता नीरो. छवि ऐसी कि कहावत बन गई. हालांकि एक सच ये भी है कि बांसुरी का आविष्कार नीरो के समय से 700 साल बाद हुआ था. फिर नीरो क्या बजा रहा था? और क्यों? पूरा किस्सा जानने के लिए देखें वीडियो.
तारीख: रोम जला, सम्राट नीरो बांसुरी क्यों बजा रहा था?
हिटलर ने एक फरमान जारी किया- सब कुछ जला दो. ताकि दुश्मन सेनाएं किसी चीज का इस्तेमाल न कर सकें.
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