आज से तकरीबन 120 साल पहले की बात है. बारहवीं में बायोलॉजी की परीक्षा में बैठे एक छात्र के सामने सवाल था, ‘इंसानी पाचन तंत्र को समझाओ’. छात्र ने उत्तर लिखा, और साथ में लिखा, ‘महोदय, पाचन तंत्र के सवाल का ये मेरा अपाच्य उत्तर है. कृपया मुझे माफ़ करें.’
तारीख: रामानुजन की वो इक्वेशन जिसने दुनियाभर के वैज्ञानिकों का दिमाग चकरा दिया था!
आज हमारे लिए कल्पना करना मुश्किल है कि पेपर की कमी जैसी कोई चीज हो सकती है. लेकिन रामानुजन के लिए ये बहुत बड़ा मसला था.
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जैसा कि अपेक्षित था, छात्र फेल हुआ. और सिर्फ एक बार नहीं कई बार. आगे जाकर यही छात्र भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का महान गणितज्ञ बना. हम बात कर रहे हैं, श्रीनिवास रामानुजन की. वो शख्स जो इंफिनिटी को जानता था. आज 26 अप्रैल को उनकी बरसी है. इसी रोज़ साल 1920 में महज 32 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था. इस मौके पर हमने सोचा उनके जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से आपके साथ साझा किए जाएं.
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