मिडिल ईस्ट का इलाका. दूर तक फैला बियाबान रेगिस्तान. सतही तौर पर सिर्फ रेत. मगर उस रेगिस्तानी ज़मीन के अंदर एक लैब है. एक ऐसी लैब, जहां साईंटिस्ट खतरनाक रासायनिक और जैविक हथियार बना रहे हैं. जानलेवा केमिकल को वॉरहेड्स में भरा जा रहा है. बड़े पैमाने पर मौत का सामान तैयार किया जा रहा है. सुनने में ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म के एक सीन जैसा लग सकता है. फिर आती है 1990 में यूनाइटेड नेशन्स की एक रिपोर्ट. कहानी सेम टू सेम. कहानी रेगिस्तान के खामोशी में पनपते एक शोर की. शोर मौत का. शोर रुदन का. शोर इराक के वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रक्शन का. क्या होते हैं वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रक्शन? इराक में कहां बनाए जा रहे थे ये हथियार? आखिर अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर इराक पर हमला क्यों किया? क्या सच में इराक के पास कुछ था या ये एक भूल थी, जिसकी कीमत मिडिल ईस्ट आज भी चुका रहा है? जानने के लिए देखें तारीख का ये एपिसोड.
तारीख: कहानी 'वेपंस ऑफ मास डिस्ट्रक्शन' की जिसकी वजह से इराक तबाह हो गया
1979, मिडिल ईस्ट की हिस्ट्री में शायद सबसे अहम साल. इराक में सद्दाम हुसैन की तानाशाही का सिलसिला शुरु हुआ.
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