दक्षिण भारत के एक गांव में बना शिवलिंग, देश-दुनिया के अन्य सभी शिवलिंग से कैसे अलग है. क्या उकेरा गया है इस शिवलिंग पर कि देखने वाले मुग्ध भी होते हैं और हैरान भी. क्या वाकई काशी का जल ख़ुद आकर इस शिवलिंग का अभिषेक करता है? मान्यता और कला, दोनों ही मामलों में ये शिवलिंग इतना अनूठा है कि देखने वाले लोग शिव के साथ उन शिल्पिओं के आकर्षण में भी खो जाते हैं. तो जानते हैं कि क्या है गुडिमल्लम लिंगम और परशुरामेश्वर मंदिर का इतिहास? इस शिवलिंग पर क्या बना है, जो इसे विशिष्ट बनाता है? और वो कौन सी मान्यताएं हैं, जो लोगों का इस शिव मंदिर पर भरोसा और पुख़्ता करती हैं? जानने के लिए देखें तारीख का ये एपिसोड.
तारीख: एक शिव मंदिर जहां काशी का जल आकर शिवलिंग का अभिषेक करता है
गुडिमल्लम गांव, तिरुपति से क़रीब 20 किलोमीटर पहले चेन्नई नैश्नल हाईवे पर स्वर्णमुखी नदी के किनारे बसा है. आज यहां चारों ओर खेत हैं, लेकिन कभी ये क्षेत्र घने जंगलों से ढका था. और इसी गांव में है दुनिया का सबसे लंबे समय से लगातार पूजा जाने वाला शिवलिंग.
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