हिन्दुस्तान के सुल्तान के बेटे को गद्दी चाहिए. और इस गद्दी के लिए उसने अपने बाप के सबसे विश्वस्त सिपहसालार को मरवा दिया. उसने गद्दी तो पाई लेकिन साथ में पाया सबसे गहरा पछतावा. ये अकबर के बेटे सलीम की कहानी है. जिसमें गद्दी का संघर्ष भी है, और है एक पिता और पुत्र के रिश्ते, चाहतों और धोखे की कहानी भी. अबुल फजल के दीन-ए-इलाही के समर्थक होने के कारण - उनके विचार और नीतियां अकबर की सोच को बल देती थीं. लेकिन क्या यह सब ज्ञान और लेखन उनके लिए एक अच्छा अंत लाता? क्या वह अपनी नीतियों और राजनीतिक पैठ के कारण अंत में अपने जीवन को बचा पाते? क्या है इस कहानी में, जानने के लिए देखें पूरा वीडियो.
तारीख: कौन थे Abul Fazal जो शहजादे सलीम को फूटी आंख नहीं सुहाते थे?
अबुल फजल का लेखन न केवल ऐतिहासिक घटनाओं का संग्रह था, बल्कि एक गहरी विचारधारा और दर्शन का भी प्रतीक था.
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