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बीजेपी, एनसीपी, शिवसेना...8 दिन में 3 पार्टी जॉइन कर ली, मयूर शिंदे को फिर मिला BMC का टिकट

अजित पवार गुट एनसीपी से नामांकन भरने वाले मयूर शिंदे के खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं. उनपर मर्डर, अटेम्प्ट टू मर्डर, एक्सटॉरशन (ज़बरदस्ती पैसा वसूलना) के चार्जेज लगे हैं.

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मयूर शिंदे ने अजित पवार की पार्टी से नामांकन भरा. (फोटो-इंडिया टुडे)

15 जनवरी, 2026 को महाराष्ट्र के मुंबई में बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) चुनाव होने वाले हैं. 30 दिसंबर को नामांकन भरने का आखिरी दिन था. इस चुनाव के ऐलान के बाद से ही ये चर्चा का विषय बना हुआ है. आखिरी दिन मयूर शिंदे नाम के शख्स ने अजित पवार की एनसीपी (NCP) से नामांकन भरा है. इसके बाद से ही ये विवादों में घिरे हुए हैं. 

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दरअसल, 8 दिन के अंदर ही मयूर शिंदे ने 3 बार पार्टी बदली है. पहले ये एकनाथ शिंदे की शिवसेना गुट में एक्टिव थे. 22 दिसंबर तक मयूर शिव सेना का हिंसा रहे. लेकिन जब उन्हें लगने लगा कि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देने वाली है तो उन्होंने पार्टी बदल लिया. 23 दिसंबर को मयूर ने बीजेपी जॉइन कर ली. बीजेपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी जॉइन किया. मयूर को सावरकर नगर वार्ड नंबर 14 से टिकट चाहिए था. जब बीजेपी से भी उनकी उम्मीद ख़त्म हो गई तो उन्होंने अजित पवार एनसीपी गुट जॉइन कर लिया. लास्ट मिनट पर पार्टी बदलकर उन्होंने अपना नामांकन भरा. 

विवाद क्यों है?

दरअसल, मयूर शिंदे पर कई गंभीर आरोप हैं. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, उनपर मर्डर, हत्या के प्रयास का मामला, जबरन वसूली (ज़बरदस्ती पैसा वसूलना) के चार्जेज लगे हैं. इससे पहले उनपर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत मुक़दमा चलाया गया था. मयूर शिंदे चर्चा में तब आए जब उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट से सांसद संजय राउत और उनके भाई को जान से मारने की धमकी दी थी.  इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था. मयूर ने पहले भी 2017 में शिवसेना गुट से टिकट मांगा था. तब एक ही शिवसेना थी, लेकिन पार्टी ने उनकी मांग ठुकरा दी थी. बीजेपी ने जब मयूर शिंदे को पार्टी में शामिल किया तो पार्टी पर कई सवाल भी खड़े हुए. 

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ठाणे का चुनावी समीकरण 

नगर निगम चुनाव में 131 सीटों पर लड़ाई है. महायुति में भाजपा और एकनाथ गुट शिवसेना शामिल हैं. भाजपा 40 सीट और शिवसेना 87 सीट पर चुनाव लड़ रही है. दूसरी ओर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं. अजित पवार की एनसीपी और कांग्रेस ने सभी 131 सीटों पर अकेले लड़ने का फैसला किया है. 16 जनवरी 2026 को चुनाव के नतीजे आ जाएंगे.    

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